केंद्रीय मंत्री इंद्रजीत की गणतंत्र दिवस पर अनदेखी:झंडा फहराने वालों की दूसरी लिस्ट में भी नाम नहीं; नरबीर और आरती करेंगी ध्वजारोहण

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हरियाणा सरकार ने शुक्रवार को प्रदेश में ध्वजारोहण की दूसरी लिस्ट जारी की। सरकार ने प्रदेश में भाजपा के सभी निर्वाचित और राज्यसभा सांसदों को ध्वजारोहण का मौका दिया है। सरकार की संशोधित लिस्ट से एक बार फिर केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह को स्थान नहीं मिला। पहली लिस्ट से भी राव इंद्रजीत सिंह का नाम गायब था। राव इंद्रजीत सिंह के राजनीतिक विरोधी माने जाने वाले मंत्री राव नरबीर सिंह को नारनौल और राव की बेटी आरती राव को फरीदाबाद की जिम्मेदारी दी गई है। जिस पर सियासी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि राव इंद्रजीत सिंह के कार्यालय ने इस पर कहा है कि फोन आया था, लेकिन हम दिल्ली का कार्यक्रम तय कर चुके थे। मनोहर हांसी और कृष्णपाल को पलवल मिला
सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल को नए जिले हांसी की जिम्मेदारी सौंपी है। जबकि कृष्णपाल गुजर पलवल में ध्वजारोहण करेंगे। सांसद धर्मबीर चरखी दादरी, नवीन जिंदल कैथल, राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा अंबाला, सुभाष बराला नूंह, रामचंद्र जांगड़ा बादली, कार्तिकेय शर्मा बराड़ा और किरण चौधरी तोशाम में ध्वजारोहण करेंगी। रेवाड़ी में मंत्री गौरव गौतम, कोसली में विधायक अनिल यादव और बावल में डॉ. कृष्ण कुमार ध्वजारोहण करेंगे। मुख्यमंत्री नायब सैनी गुरुग्राम और राज्यपाल पंचकूला में ध्वजारोहण करेंगे।
किरण चौधरी को अपने गढ़ में मौका
भिवानी में तोशाम को बंशीलाल परिवार का गढ़ माना जाता है। बंशीलाल परिवार की तीन पीढ़ियां यहां से चुनाव लड़ चुकी हैं। किरण 2019 में यहीं से विधायक बनी थी। किरण और श्रुति के भाजपा ज्वाइन करने के बाद भाजपा ने 2024 में श्रुति चौधरी टिकट दिया और किरण को राज्यसभा में भेज दिया। नायब सरकार ने श्रुति जींद में ध्वजारोहण करेंगी। किरण चौधरी को सरकार ने अपने गढ़ में ध्वजारोहण का मौका दिया है। कार्तिकेय शर्मा और रामचंद्र जांगड़ा को भी अपने गृह जिलों में ही ध्वजारोहण की जिम्मेदारी दी है। आरती के ग्रह क्षेत्र में राव नरबीर फहराएंगे तिरंगा
आरती राव की अटेली विधानसभा सीट महेंद्रगढ़ जिला का हिस्सा है। सरकार ने यहां ध्वजारोहण की जिम्मेदारी राव नरबीर सिंह को दी है। दक्षिणी हरियाणा की राजनीति में राव इंद्रजीत सिंह और राव नरबीर सिंह को एक दूसरे का विरोधी माना जाता है और पिछले कुछ महीनों से दोनों में वाकयुद्ध चला आ रहा है। समर्थकों के साथ राव इंद्रजीत सिंह की उत्तराधिकारी आरती राव भी इसमें कूद चुकी है। जिन्होंने अपने पिता के विरोधियों पर पहले रेवाड़ी और फिर मानेसर में बड़ा राजनीतिक हमला बोला था।
दिल्ली का कार्यक्रम कर चुके थे कंफर्म
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के कार्यालय की तरफ से बताया गया कि पहली लिस्ट में नाम नहीं आया था। जिसके बाद दिल्ली में लालकिले के कार्यक्रम को कंफर्म कर दिया था। संशोधित लिस्ट जारी करने से पहले चंडीगढ़ सीएमओ से फोन आया था। हम पहले दिल्ली के कार्यक्रम में नाम भेज चुके थे। इसलिए नए कार्यक्रम में शामिल होना संभव नहीं था।