रेवाड़ी में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि माइनिंग पर तो यूं ही बवाल हो रहा है। हरियाणा और राजस्थान में में अरावली क्षेत्र में माइनिंग तो करीब 0.19 प्रतिशत पर ही हो रही है। अरावली क्षेत्र में भूमि के कॉमर्शियल यूज पर रोक होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कॉलोनियां काटकर अरावली को नुकसान पहुंचाया जा सकता है। सरकार को इसकी चिंता करनी चाहिए। वहीं यह भी सुनिश्चत करना चाहिए कि भविष्य में दिल्ली आसपास के क्षेत्र में भूमि का कॉमर्शियल यूज न होने पाए। उन्होंने अरावली में खनन को लेकर हो रहे विवाद को लेकर रेवाड़ी में यह बात कही। राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की नई गाइडलाइन से अरावली क्षेत्र में लाइसेंस लेकर कॉलोनी काटनी शुरू न हो जाएं। यदि ऐसा हुआ तो अरावली के लिए इससे बड़ा कोई और नुकसान नहीं हो सकता। सरकार को दिल्ली और आसपास इसे लेकर सोचना होगा। खनन के नए लाइसेंस नहीं देगी सरकार
राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि हरियाणा और राजस्थान में 1.44 लाख वर्ग किलोमीटर अरावली क्षेत्र है। जिसमें से केवल 0.19 प्रतिशत में ही खनन होता है। सरकार ने खनन के लिए नए लाइसेंस नहीं देने का निर्णय लिया है। गड़बड़ी करने वाले पुराने लाइसेंस धारकों के खिलाफ भी कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। इसलिए माइनिंग आज इतना बड़ा विषय नहीं है। मेरी चिंता तो नई रूलिंग के बाद जमीन का कॉमर्शियल यूज बढ़ने की है। जिसका अधिक खतरा उस पर सोचें राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि खनन तो इतना बड़ा विषय है ही नहीं। इस पर बवाल करने की बजाय भविष्य में अरावली को नुकसान पहुंचाने वाले विषय पर सोचना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट की नई रूलिंग से अरावली क्षेत्र में जमीन की कॉमर्शियल यूज बढ़ने की है। इससे लाइसेंस लेकर कॉलोनी काटने की होड़ लग सकती है। अरावली के लिए इससे घातक कुछ नहीं हो सकता। सरकार को इस बारे में जरूर सोचना चाहिए। जिससे दिल्ली और आसपास अरावली क्षेत्र में जमीन का कॉमर्शियल यूज न हो सके। RRTS में अब भी कुछ कमजोरी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि पिछले 5 साल में हमने RRTS को धारूहेड़ा से बावल तक बढ़ाया है। इसमें अब भी कई कमजोरियां हैं, उनमें रेवाड़ी और शाहजहांपुर को RRTS में शामिल करना है। एक साल में यह पूरा हो पाएगा, इसकी संभावना कम है। हालांकि इसके लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री इंद्रजीत बोले-माइनिंग पर यूं ही हो रहा बवाल:असली चिंता अरावली में जमीन के कॉमर्शियल प्रयोग की, इस पर विचार करे सरकार
