इस कार्यक्रम में मुर्रामकला से दो हजार लोग अपने पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-नगाड़े एवं गाजे-बाजे के साथ शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को करने का मुख्य उद्देश्य अपनी भाषा, संस्कृति और सभ्यता को समृद्ध करने तथा विश्व पटल पर पहचान दिलाना है।
बैठक में मुख्य रूप से किशोर कुमार, अनिल महतो, दिनेश महतो, चेतलाल महतो, लाजवंती देवी, दीपक कुमार, महेंद्र महतो, भीरगू महतो, राजेश महतो, मनोज महतो, परमेश्वर महतो, जानकी महतो, अशोक महतो, ललिता देवी, अनिता कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, जयकिशोर दीवान, लिखेश्वर महतो, मनीष कुमार, प्रदीप कुमार, पंकज कुमार सहित अन्य उपस्थित थे।
