उज्जैन के मंगलनाथ रोड स्थित खाक चौक पर श्री पंच रामानंदीय निर्वाणी अखाड़े में रविवार को आठ अखाड़ों के संत-महंतों और पदाधिकारियों की बैठक हुई। इस दौरान महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव रविंद्र पुरी महाराज को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का अध्यक्ष बताते हुए आगामी सिंहस्थ में उनके नेतृत्व में कुंभ मेले में भाग लेने की बात कही गई। बैठक में बड़ी संख्या में संत मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में उनका स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों के बीच संतों में उत्साह नजर आया। इधर निरंजनी अखाड़े से जुड़े रविंद्र पूरी महाराज ने कहा कुम्भ आ रहा है ऐसे कई संत अपने आप को अध्यक्ष बतायेंगे। सर्वसम्मति से मुझे अध्यक्ष बनाया गया था। जब मेने इस्तीफा दिया नहीं तो महानिर्वाणी वाले रविंद्र पूरी कैसे अध्यक्ष बन सकते है। कार्यक्रम में महंत सत्यानंद महाराज (बड़ा उदासीन), महंत मंगलदास जी (नया अखाड़ा), महंत विनीत गिरी (महानिर्वाणी), महंत रामेश्वर दास, भगवान दास और दिग्विजय दास सहित विभिन्न अखाड़ों के संत-महंत शामिल हुए। 13 अखाड़ों में दो गुट, दोनों के अलग-अलग अध्यक्ष प्रयागराज कुंभ के बाद से अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर जारी खींचतान अब उज्जैन में भी दिखने लगी है। आगामी सिंहस्थ 2028 से पहले इस पद को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। 13 अखाड़ों में दो गुट नजर आ रहे हैं। एक धड़ा निरंजनी अखाड़े के रविंद्र पुरी को अध्यक्ष मानता है, जबकि दूसरा महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव रविंद्र पुरी को अध्यक्ष बता रहा है। निरंजनी अखाड़े के रविंद्र पुरी पिछले छह महीनों से अध्यक्ष के रूप में उज्जैन आते-जाते रहे हैं। इस दौरान प्रशासन ने उन्हें शिप्रा नदी प्रोजेक्ट सहित मेले की तैयारियों की जानकारी भी दी। वहीं रविवार को महानिर्वाणी, अटल, निर्मोही, दिगंबर, निर्वाणी अणी, बड़ा उदासीन, नया उदासीन और निर्मल अखाड़े के संतों ने महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव रविंद्र पुरी का पुष्पमालाओं से स्वागत किया और उनके नेतृत्व में कुंभ आयोजन में शामिल होने की बात कही। रविंद्र पुरी महाराज बोले-मुझे अध्यक्ष चुना गया रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि वैष्णव अखाड़े में सामान्य शिष्टाचार के तहत बैठक रखी गई थी। उन्होंने दावा किया कि हरिद्वार में बहुमत के आधार पर उन्हें अध्यक्ष चुना गया था और वर्तमान में वही इस पद पर हैं। उन्होंने इसे विचारों का मतभेद बताते हुए कहा कि ऐसा पहले भी होता रहा है। किन्नर अखाड़े से जुड़े सवालों पर उन्होंने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। यह खबर भी पढ़ें… महाकाल मंदिर के अखाड़े के महंत का इस्तीफे से यू-टर्न महाकालेश्वर मंदिर स्थित महानिर्वाणी अखाड़े के महंत गादीपति विनीत गिरी महाराज के इस्तीफे के मामले में नया मोड़ आ गया है। विनीत गिरी ने अपने इस्तीफे से यू-टर्न ले लिया है। उन्होंने इस्तीफा देने से मना कर दिया और सिर्फ इस्तीफे की पेशकश की बात कही है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
अखाड़ा परिषद अध्यक्ष पद को लेकर दो फाड़:उज्जैन में 8 अखाड़ों ने नए अध्यक्ष का स्वागत किया; 2 रविंद्र पूरी महाराज, दावा-वे ही अध्यक्ष
