हरियाणा के पानीपत में गुरुवार को एक टेक्सटाइल फैक्ट्री में बड़ा हादसा हो गया। यहां केमिकल टैंक की सफाई करने उतरे दो युवकों की जहरीली गैस से दम घुटने से मौत हो गई। दोनों बिना सेफ्टी किट के टैंक में उतरे थे। मगर, कुछ देर में ही उन पर बेहोशी छाने लगी। वहां मौजूद अन्य स्टाफ ने तुरंत दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों बेहोश हो चुके थे। स्टाफ ने दोनों को सीपीआर देकर होश में लाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद दोनों को सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस और परिवार के लोग भी पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। परिवार के मुताबिक, दोनों युवक आपस में चचेरे भाई थे। केमिकल फैक्ट्री में हुए हादसे के कुछ PHOTOS… यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए कैसे हुआ हादसा… यूपी के रहने वाले थे, काम करने पानीपत आए थे : यह मामला जलालपुर रोड स्थित मयूर टेक्सटाइल फैक्ट्री में गुरुवार की दोपहर को हुआ। मृतकों की पहचान शिवम और नितिन निवासी गांव जनदेड़ी, कैराना, यूपी थे। दोनों की उम्र 18-19 साल है। दोनों चचेरे भाई थे। अक्सर काम के लिए वह गांव से ही पानीपत आया जाया करते थे। दोपहर को केमिकल टैंक में सफाई करने उतरे: गुरुवार को दोनों मयूर टेक्सटाइल फैक्ट्री में काम के लिए आए थे। आरोप है कि यहां फैक्ट्री मालिकों ने और ठेकेदारों ने जबरन इन दोनों भाइयों को 20 फीट गहरे गड्ढे में साफ सफाई के लिए उतार दिया। इनको किसी भी तरह के सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए थे। बेहोश हुए तो स्टाफ ने बाहर निकाला : कुछ ही मिनटों में दोनों बेहोश हो गए। इस दौरान स्टाफ ने दोनों को सीपीआर देकर होश में लाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद आनन-फानन में उन्हें बाहर निकालकर पानीपत के सामान्य अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फैक्ट्री मालिक पर लापरवाही के आरोप सूचना पर पहुंचे मृतकों के परिजनों का कहना है कि यह हादसा नहीं बल्कि हत्या है। आरोप है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने मजदूरों को बिना किसी मास्क, ऑक्सीजन सिलेंडर या सुरक्षा उपकरणों के सीधे टैंक में उतार दिया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए शव गृह में रखवा दिया है और आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुराने जख्म हुए ताजा: कुराड़ रोड जैसी घटना इस हादसे ने पानीपत के ही कुराड़ रोड स्थित गोरजा इंटरनेशनल फैक्ट्री की याद दिला दी है, जहां कुछ समय पहले इसी तरह के हादसे में 2 मजदूरों की मौत हुई थी। बार-बार हो रहे ऐसे हादसों ने औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
पानीपत की टेक्सटाइल फैक्ट्री में 2 चचेरे भाइयों की मौत:20 फुट गहरे केमिकल टैंक में उतरे, CPR से भी नहीं बची जान; यूपी के रहने वाले थे
