मंचीय कार्यक्रम में स्काउट्स एवं गाइड्स परंपरा के अनुसार अतिथियों को स्कार्फ पहनाकर सम्मानित किया गया। छात्रों द्वारा तैयार किए गए पौधे अतिथियों को भेंट कर उनका सम्मान किया गया।
स्वागत उद्बोधन सुधा परमार द्वारा दिया गया, जिसमें उन्होंने सभी का हार्दिक अभिनंदन किया। वृक्ष मित्र सम्पत झा ने इस अवसर पर पौधरोपण कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “अपने नाम को पौधों से वृक्ष बनाकर अमर हो जाना।” उन्होंने इस पहल को महापौर के जन्मदिन को एक स्थायी और सार्थक तरीके से मनाने का बेहतरीन तरीका बताया।
अपने उद्बोधन में महापौर संजय पाण्डे ने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए सभी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि ऐसे पुनीत कार्य करने से हमें प्रकृति मां से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने वृक्षों को ‘प्राण वायु ऑक्सीजन’ प्रदान करने वाला बताते हुए उनके रोपण और संरक्षण के महत्व पर जोर दिया, ठीक उसी प्रकार जैसे एक माँ अपने संतान का आजीवन ध्यान रखती है।
कार्यक्रम का संचालन जिला सचिव लिलेश देवांगन द्वारा किया गया। मंचीय कार्यक्रम के पश्चात् वृक्षारोपण किया गया, जिसमें संजय पाण्डे ने नीलमोहर का पौधा लगाया। खेमसिंह ने चीकू का पौधा रोपा, जबकि अन्य अतिथियों ने जामुन, आम, कटहल और काजू के पौधे लगाए।
वृक्षारोपण के बाद, सभी अतिथियों और छात्र-छात्राओं को ‘न्योता भोज’ कराया गया। वृक्षारोपण और भोजन की समस्त व्यवस्था वृक्ष मित्र सम्पत झा द्वारा की गई थी। इस दाैरन संजय मूर्ति, संजीव शील, रज्जी वर्गिस और स्काउट्स गाइड्स से मनोज महापात्र, दसरुराम यादव, मीरा हिरवानी, श्रीमती जयंती लोहाना, जमुना ठाकुर, दीपा ठाकुर, गिरवर रावटे के साथ-साथ अन्य स्काउट्स एवं गाइड्स का योगदान रहा। स्टाफ के सभी साथियों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना याेगदान दिया।
