हेपेटाइटिस बी एवं सी का इलाज सभी नागरिक अस्पताल में मफ्त : सीएमओ

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लीवर एक अहम अंग है, जो पोषक तत्वों को पचाता है, खून साफ करता है व संक्रमण से लडता है। हेपेटाईटिस पांच प्रकार का होता है। इनमें हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी व ई शामिल है। यह कई कारणों से हो सकता है जिसमें हेपेटाईटिस ए व ई दूषित पानी व भोजन का प्रयोग करने से व बी, सी व डी अत्याधिक शराब सेवन, सूई व सिरिंज का दोबारा प्रयोग करने पर व संक्रमित व्यक्ति के खून के संपर्क में आने पर हो सकता है तथा बी व सी का इलाज सभी सरकारी अस्पताल में सरकार द्वारा निशुल्क उपलब्ध करवाया गया है।

डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला ने बताया गया कि नागरिक अस्पताल के कमरा नंबर 23 में हेपेटाइटिस के रोगियों का परीक्षण किया जाता है व जांच हेतू सैंपल लैब टैक्नीशियन रिंपल द्वारा कमरा नंबर 10 में लिए जाते है व जांच उपरांत हेपेटाइटिस पॉजीटिव पाए जाने पर उपचार हेतू दवाइयां कमरा नंबर छह में उपलब्ध करवाई जाती हैं। आमजन की सुविधा हेतु जिला जींद में हेपेटाईटिस के इलाज हेतु कुल चार सेंटर बनाए गए हैं, जिसमें नागरिक अस्पताल जींद, एसडीएच सफीदों, नरवाना व उचाना शामिल हैं। हेपेटाइटिस नोडल अधिकारी डा. विनिता ने बताया कि हेपेटाइटिस के लक्ष्णों में बुखार, थकान, हमेशा थकावट महसूस करना, भूख न लगना, मतली व उल्टी होना, पेट में दर्द, गाढे रंग का मूत्र, मिट्टी के रंग जैसा मल, जोडों या मांशपेशियों में दर्द, पीलिया (त्वचा या आंखो में पीलापन) है।