यमुनानगर में ट्रैक्टर ड्राइवर की स्टंटबाजी, बच्ची का पैर कुचला:दो उंगलियां और एक अंगूठा कटा, चिल्लाने पर भी आरोपी दौड़ाता रहा वाहन

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यमुनानगर जिले के फर्कपुर थाना क्षेत्र में ट्रैक्टर ड्राइवर की स्टंटबाजी से हुई गंभीर लापरवाही सामने आई है। एक ट्रैक्टर ड्राइवर 13 साल की बच्ची को ट्रैक्टर की लिफ्ट पर खड़ा करके स्टंट दिखा रहा था, तभी बच्ची का पैर उसमें फंस गया। आरोप है कि इस दौरान बच्ची चिल्लाती रही और ड्राइवर ट्रैक्टर को दौड़ाता रहा। शोर मचाने पर ट्रैक्टर रोका, तो बच्ची को अस्पताल लेकर गए जहां इलाज के दौरान उसके पैर की दो उंगलियों व एक अंगूठे को काटना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि ट्रैक्टर ड्राइवर शराब के नशे में अक्सर इस प्रकार की स्टंटबाजी कर बच्चों की जान जोखिम में डालता है। पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने पर करीब दो माह बाद मंगलवार को आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। नशे में ट्रैक्टर चलाने का आरोप पीड़ित बच्ची की मां शमा निवासी आईटीआई शिवपुरी बी, ससौली रोड ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह उसके पति मेहनत-मजदूरी करते हैं और उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें बड़ी बेटी रहनुमा (13 वर्ष) पांचवीं कक्षा की छात्रा है।शमा ने बताया कि उनका पड़ोसी तनवीर अपने ट्रैक्टर पर लोहे का सामान ढोता है। आरोपी नशे का आदी है और अक्सर शाम के समय नशे में ट्रैक्टर-ट्रॉली को गली में तेज और लापरवाही से चलाता है। आरोप है कि वह गली के छोटे-छोटे बच्चों को ट्रैक्टर पर खड़ा कर स्टंट दिखाकर उनकी जान को खतरे में डालता था। कई बार समझाने के बावजूद आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। हादसे का पूरा घटनाक्रम शिकायत के अनुसार 17 नवंबर 2025 को वह घर पर थीं, जबकि उसकी बेटी रहनुमा गली में खेल रही थी। इसी दौरान आरोपी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर गली में आया। ट्रॉली को अलग कर ट्रैक्टर की लिफ्ट पर बच्चों को खड़ा कर दिया गया, जिसमें रहनुमा भी शामिल थी। आरोप है कि आरोपी ने बिना सोचे-समझे ट्रैक्टर की लिफ्ट ऊपर उठा दी, जिससे रहनुमा का बायां पैर लिफ्ट में फंस गया। इस हादसे में उसके बाएं पैर की दो उंगलियां और अंगूठा बुरी तरह कुचल गए। बच्ची जोर-जोर से चिल्लाती रही, लेकिन आरोपी ने ट्रैक्टर नहीं रोका। इलाज और आरोपी की कथित चालबाजी जब आसपास के लोगों ने शोर मचाया, तब जाकर आरोपी ने ट्रैक्टर रोका और डर के मारे घर में घुस गया। घायल बच्ची रोते हुए घर पहुंची और पूरी घटना अपनी मां को बताई। इसके बाद शमा अपनी बेटी को तुरंत आस्था अस्पताल, यमुनानगर लेकर गई, जहां वह करीब दो दिन भर्ती रही। इस दौरान पुलिस अस्पताल पहुंची, लेकिन आरोपी और उसके परिजनों ने इलाज का खर्च उठाने का भरोसा दिलाकर पुलिस कार्रवाई न करने की विनती की। अस्पताल में बच्ची का ऑपरेशन हुआ, जिसमें उसकी दो उंगलियां काटनी पड़ी। कुछ समय बाद संक्रमण फैलने से अंगूठा भी सेप्टिक हो गया। इसके चलते 9 दिसंबर 2025 को बच्ची को कोहली अस्पताल, जगाधरी में भर्ती कराना पड़ा, जहां उसका अंगूठा भी काटना पड़ा। इलाज से मुकरा आरोपी, दी धमकी शमा ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने आरोपी से इलाज के खर्च की मांग की तो वह पहले टालमटोल करता रहा और बाद में साफ इनकार कर दिया। आरोपी ने धमकी दी कि उसकी पुलिस में “साठगांठ” है और उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। थाना फर्कपुर पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी आरोपी तनवीर के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी विजेंद्र सिंह ने बताया कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी।