नाहरगढ़ जैविक उद्यान में टाइगर सफारी बनी आकर्षण का केंद्र

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सहायक वन संरक्षक देवेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि लायन सफारी और टाइगर सफारी पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण बनी रहीं। 217 पर्यटकों ने दोनों सफारियों का रोमांचक अनुभव प्राप्त किया और शेर व बाघ की चंचल अदाओं को देख उत्साहित हुए। बाघों की गर्जना और शेरों के शाही ठाठ ने पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

उन्होंने बताया कि नाहरगढ़ जैविक उद्यान में संचालित तीन प्रमुख सफारियां – लेपर्ड सफारी, टाइगर सफारी और लायन सफारी – इन दिनों जयपुर वासियों और बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए बड़ी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। शहर के मध्य में प्राकृतिक हरियाली और वन्यजीवों का यह संगम, लोगों को पारिवारिक सैर और रोमांच का अनूठा अनुभव प्रदान कर रहा है।

मुख्य वन संरक्षक डॉ. टी. मोहनराज के निर्देशन में पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधाओं और प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डीसीएफ विजयपाल सिंह और एसीएफ देवेंद्र सिंह राठौड़ ने रविवार को सफारियों की सघन मॉनिटरिंग की और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

रेंज अधिकारी जितेन्द्र सिंह शेखावत एवं शुभम शर्मा की देखरेख में टूरिज्म मैनेजमेंट टीम द्वारा सफारी संचालन और भीड़ नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था की गई। पर्यटकों को टिकटिंग, वाहन सुविधा, दिशा-निर्देश और सफाई व्यवस्थाओं में पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया।

वन विभाग की सतत निगरानी और प्रबंधन के कारण नाहरगढ़ जैविक उद्यान आज राज्य के सर्वाधिक लोकप्रिय वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शुमार हो गया है। यह न केवल पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है, बल्कि पर्यटकों के लिए शिक्षाप्रद और मनोरंजक अनुभव का केंद्र भी बन गया है।