नए मोबाइल की पार्टी मनाने गए तीन दोस्तों की मौत:सोनीपत में ट्रक से स्कूटी टकराई, परिजन बोले-घर से झूठ बोल निकले

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हरियाणा के सोनीपत जिले के एनएच-44 पर सोमवार शाम को एक्सीडेंट में तीन दोस्तों की माैत हो गई। तीनों दोस्त नए मोबाइल लेने की पार्टी मनाने के लिए मुरथल पहुंचे थे और सोनीपत में हाईवे पर गांव नांगल खुर्द फ्लाईओवर पर दिल्ली से पानीपत की ओर जा रही स्कूटी एक ट्रक में जा घुसी। घटना में स्कूटी सवार 3 दोस्तों की मौत हो गई। इनके शव हाईवे पर बिखरे दिखाई दिए। हादसा इतना भीषण था कि 2 युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि तीसरे ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। तीनों हेलमेट नहीं पहने थे, इसलिए इनके सिर में चोट आई थी। तीनों के परिजनों को पुलिस ने सूचना दी और मंगलवार को तीनों के शव का पोस्टमॉर्टम करवा परिजनों को सौंप दिया गया है। नांगल खुर्द फ्लाईओवर पर हादसा यह हादसा नांगल खुर्द फ्लाईओवर पर दिल्ली–पानीपत लेन में हुआ। स्कूटी सवार 3 दोस्त दिल्ली से पानीपत की ओर जा रहे थे। तभी अचानक आगे चल रहे ट्रक में उनकी स्कूटी जा घुसी। इस टक्कर में स्कूटी आगे से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और सवार युवक सड़क पर जा गिरे। दो युवकों की मौके पर ही मौत हादसे में स्कूटी सवार 3 में से 2 युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तुरंत पास के निदान अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस की जांच में सामने आया कि स्कूटी सवार तीनों युवक बिना हेलमेट के थे। हेलमेट न होने के कारण सिर में गंभीर चोट लगने से उनकी हालत और ज्यादा बिगड़ गई, जिससे जान बचाना संभव नहीं हो सका। ट्रक ड्राइवर वाहन छोड़कर फरार एक्सीडेंट के बाद ट्रक ड्राइवर मौके पर अपना वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है और ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी गई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। अब तीनों दोस्तों के जीवन के बारे में सिलसिलेवार पढ़िए… मयंक की पढ़ाई और पारिवारिक पृष्ठभूमि: मयंक के पिता अजय शर्मा ने बताया कि उनका 21 साल का बेटा बीकॉम की पढ़ाई पूरी कर चुका था। इसके बाद वह नौकरी की तलाश में था और साथ-साथ बीएससी करने की भी योजना बना रहा था। जानकारी के मुताबिक 23 दिसंबर को मयंक के दादा का निधन हुआ था और रविवार को ही उनकी तेरहवीं हुई है। इससे पहले साल 2022 में मयंक की दादी की भी मौत हो चुकी थी। परिवार में मयंक की बड़ी बहन, मां और पिता ही पीछे रह गए हैं। मयंक का परिवार दिल्ली के रोहिणी स्थित कृष्ण विहार में रजनी गुप्ता अस्पताल के पास रहता है। दीपक की पढ़ाई और परिवार की स्थिति: वहीं दीपक के पिता सुगंध चंद ने बताया कि उनका 21 साल का बेटा बीए फाइनल ईयर में दिल्ली के एक कॉलेज से पढ़ाई कर रहा था। दीपक की मौत के बाद परिवार में माता-पिता, एक भाई और एक बहन पीछे रह गए हैं। दीपक अपने परिवार का सबसे बड़ा बेटा था और उसके पिता सब्जी बेचने का काम करते हैं। नए मोबाइल की पार्टी: पिता ने बताया कि दीपक ने कुछ दिन पहले ही करीबन 1 लाख रुपए में आईफोन 16 खरीदा था। इसके बाद उसके दोस्त मयंक और प्रतीक उर्फ तुषार लगातार उससे पार्टी देने के लिए कह रहे थे। सोमवार को करीबन 3:30 बजे तीनों दोस्त घर से यह कहकर निकले थे कि वह 10 मिनट में वापस आ जाएंगे। जानकारी के मुताबिक तीनों दोस्त दीपक की स्कूटी पर ही मुरथल गए थे। बाद में उन्होंने पार्टी देने के लिए मुरथल जाने का प्लान बनाया और वहां पराठे खाने पहुंच गए। बीमार होने के बावजूद घर से निकला दीपक: दीपक के पिता सुगंध चंद ने बताया कि सोमवार को दीपक की तबीयत भी ठीक नहीं थी और उसे हल्का बुखार था। वह डिस्टेंस से पढ़ाई करता था और सप्ताह में केवल एक दिन कॉलेज जाता था। पिता ने बताया कि जब दीपक फ्री होता था तो वह सब्जी बेचने के काम में उनकी मदद करता था। दीपक पार्ट-टाइम फोटोग्राफी से कमाई करता था: सुगंध चंद ने बताया कि दीपक अपने खर्च पूरे करने के लिए पार्ट-टाइम फोटोग्राफी भी करता था। वह विवाह, शादियों और अन्य कार्यक्रमों में फोटोग्राफी करके पैसे कमाता था। अपने पैसों को इकट्ठा करके ही उसने अपना मोबाइल फोन खरीदा था। 17 नवंबर को मनाया था दीपक का जन्मदिन: दीपक ने 17 नवंबर को अपना जन्मदिन घर पर मनाया था। इस मौके पर परिवार ने धूमधाम से केक काटा था और कीर्तन का आयोजन भी किया गया था। पिता ने बताया कि आखिरी बार दीपक उनसे यह कहकर घर से गया था कि वह कुछ देर बाद वापस लौट आएगा। लेकिन उन्हें क्या पता था कि दीपक इसके बाद कभी वापस नहीं आएगा। पिता को आज इस बात का पछतावा है कि काश उन्होंने दीपक को उस दिन घर से जाने से रोक लिया होता, तो आज वह परिवार के साथ होता। प्रतीक उर्फ तुषार का पारिवारिक दर्द
प्रतीक उर्फ तुषार के चाचा आनंद ने बताया कि प्रतीक भी अपने घर से यह कहकर गया था कि वह थोड़ी देर में वापस आ जाएगा। प्रतीक के पिता ने करीबन 10 साल पहले आत्महत्या कर ली थी। पिता की मौत के बाद प्रतीक की मां और बहन उसके चाचा के साथ संयुक्त परिवार में ही रह रही हैं। करीबन 3:30 बजे लैपटॉप पर काम करने के बाद प्रतीक घर से बाहर निकला था। 21 साल का प्रतीक उर्फ तुषार सेकेंड ईयर की पढ़ाई कर रहा था।