अपराध के बढ़ते मामलों के बीच सोनीपत पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली पुलिस
अधिकारी बनकर डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
किया है। थाना साइबर पुलिस ने तीन आरोपिताें को मध्यप्रदेश के शिवपुरी से गिरफ्तार कर गुरुवार
को अदालत में पेश किया है।
यह मामला
18 जून 2025 को सामने आया, जब गांव नया बांस निवासी विकास ने शिकायत की कि 5 जून को
उसे फोन पर खुद को पुलिसकर्मी बताकर धमकाया गया। कॉल करने वाले ने कहा कि दिल्ली में
एक लड़की मादक पदार्थ बेचते हुए पकड़ी गई है और उसके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज हो चुकी
है। बाद में वीडियो कॉल और फर्जी प्राथमिकी की प्रति दिखाकर उसे डराया गया। आरोपिताें
ने केस खत्म करने के नाम पर बार-बार धनराशि मांगी। पीड़ित ने भयवश तीन दिनों में कुल
3,87,410 रुपये भेज दिए। अंततः उसे एहसास हुआ कि यह ठगी थी। इस पर थाना साइबर सोनीपत
में मामला दर्ज हुआ।
पुलिस
उपायुक्त पश्चिम एवं साइबर कुशल पाल सिंह ने बताया कि पुलिस आयुक्त सोनीपत ममता सिंह
के नेतृत्व में निरीक्षक बसंत कुमार व उनकी टीम ने जांच करते हुए नीरज, कृष्णपाल और
भागबत, तीनों निवासी शिवपुरी (मध्यप्रदेश) को गिरफ्तार किया। आरोपियों से 24 हजार
रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन और 2 लाख 20 हजार रुपये बैंक खातों से बरामद किए गए। आरोपियों
को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया, जहां गहन पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेज
दिया गया।
पुलिस
ने नागरिकों को सावधान रहने की अपील की है। किसी भी अनजान कॉल, लिंक या संदेश पर विश्वास
न करें, केवल विश्वसनीय इंटरनेट साइट और एप का उपयोग करें। लालच या डर के कारण किसी
को धनराशि न भेजें। यदि आप साइबर अपराध का शिकार हों, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाना में
शिकायत करें या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।
