कटकी पहाड़ों में मिलने वाली एक पारंपरिक जड़ी-बूटी है, जो खासकर दारमा घाटी में पाई जाती है. पहाड़ों में इसे बुखार के लिए रामबाण औषधि माना जाता है. आज भी गांवों में जब किसी को बुखार होता है, तो कटनी का काढ़ा बनाकर दिया जाता है. बुजुर्गों के अनुसार, यह शरीर का तापमान कम करने और जल्दी राहत देने में मदद करती है. लोकल 18 से पिथौरागढ़ की औषधियों की जानकार आसमती बनग्याल बताती हैं कि इससे शरीर का तापमान धीरे-धीरे कम होता है. कटकी का उपयोग आमतौर पर काढ़ा बनाकर किया जाता है.
ये पहाड़ी बूटी चुटकियों में छूमंतर कर देगी बुखार, अंग्रेजी दवाओं की तरह कोई साइड इफेक्ट नहीं
