हिंदू सम्मेलन में कांग्रेस विधायक, पार्टी में मचा कलह:महापौर के चेहरे पर बनाई दाढ़ी, जनसुनवाई में जनसुनवाई बंद करने का आवेदन

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मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। अपनों के निशाने पर कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह
हरदा जिले के टिमरनी से कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह इन दिनों अपनों के ही निशाने पर आ गए हैं। बीते दिनों वे एक हिंदू सम्मेलन में शामिल हुए थे, जिस पर कांग्रेस नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे पार्टी की घोषित विचारधारा के खिलाफ बताया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अभिजीत शाह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं, ऐसे में उनका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े आयोजन में शामिल होना गंभीर सवाल खड़े करता है। उनका यह कदम कांग्रेस की विचारधारा के प्रति उनकी निष्ठा पर संदेह पैदा करता है। पार्टी नेताओं का यह भी कहना है कि कांग्रेस के टिकट पर चुने गए किसी जनप्रतिनिधि का इस तरह के आयोजनों में शामिल होना उन जमीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ रहा है, जो आरएसएस की विचारधारा से लगातार संघर्ष कर रहे हैं। मामले को लेकर विधायक की शिकायत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (पीसीसी चीफ) से भी की गई है। बता दें कि इससे पहले राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने संघ के संगठन की तारीफ की थी। अब लोग कह रहे हैं कि अभिजीत शाह तो दिग्विजय सिंह से एक कदम आगे निकल गए हैं। महापौर के बंगले का घेराव, फोटो पर पोती कालिख
भोपाल में गोमांस से जुड़े एक मामले को लेकर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने महापौर मालती राय के बंगले का घेराव कर दिया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘महापौर मुर्दाबाद’ और ‘महापौर इस्तीफा दो’ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का आक्रोश यहीं नहीं थमा। उन्होंने बंगले पर लगी नेम प्लेट पर कालिख पोत दी और दीवारों पर ‘इस्तीफा दो’ जैसे नारे लिख दिए। इतना ही नहीं, महापौर के फोटो पर भी कालिख पोतते हुए उनके चेहरे पर दाढ़ी बना दी और ‘मुल्ला मालती राय मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने महापौर के बंगले के बाहर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। मौके पर पुलिस बल मौजूद रहा, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने जमकर हंगामा किया और जो होना था, वह होकर ही रहा। औपचारिक बनी जनसुनवाई, अधिकारी नहीं सुन रहे
मध्य प्रदेश में आम लोगों की समस्याएं सुनने के लिए होने वाली जनसुनवाई व्यवस्था अब सवालों के घेरे में आ गई है। हालिया तस्वीरें बता रही हैं कि फरियादी किस हद तक हताश हो चुके हैं और सिस्टम से उन्हें कितनी उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं। बुरहानपुर से सामने आई तस्वीरों में देखा गया कि एक फरियादी अपनी बात रखने के लिए जमीन पर बैठ गया, तो अधिकारी भी उसके साथ जमीन पर ही बैठ गए। यह दृश्य भले ही संवेदनशीलता का प्रतीक लगे, लेकिन सवाल ये है कि क्या इससे समस्या का समाधान हुआ? नीमच में हालात और भी भावुक कर देने वाले नजर आए, जहां दो बहनें अपनी फरियाद लेकर जनसुनवाई में लोट लगाती हुई पहुंचीं। उनका मानना है कि अधिकारी उनकी बात सुन ही नहीं रहे, इसलिए अब उन्हें इस तरह गुहार लगानी पड़ रही है। आगर से सामने आया मामला तो और भी चौंकाने वाला है। यहां एक फरियादी ने जनसुनवाई बंद करने की ही मांग कर दी। उसका कहना था कि जब न न्याय मिल रहा है और न ही समस्या का समाधान हो रहा है, तो ऐसी जनसुनवाई का क्या औचित्य? अब ये तस्वीरें और ये सवाल प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती बनकर खड़े हो गए हैं। सवाल सिर्फ ये नहीं है कि फरियादी क्या कर रहे हैं, सवाल ये है कि क्या वाकई जनसुनवाई अपने मकसद को पूरा कर पा रही है? एक्टर सुनील शेट्‌टी ने किए भगवान महाकाल के दर्शन
मशहूर बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी ने उज्जैन पहुंचकर भगवान महाकाल के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर ध्यान किया और नंदी जी को जल अर्पित किया। दर्शन के बाद सुनील शेट्टी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी आगामी फिल्म ‘बॉर्डर 2’ देश के जवानों को समर्पित है। उन्होंने फिल्म की सफलता और पूरी टीम के उज्ज्वल भविष्य के लिए बाबा महाकाल से विशेष प्रार्थना की। अभिनेता ने यह भी बताया कि उनके बेटे अहान शेट्टी भी इस फिल्म में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसी वजह से वे विशेष रूप से उज्जैन आए हैं, ताकि भगवान महाकाल का आशीर्वाद ले सकें। इनपुट सहयोग – संदेश पारे (हरदा), शाकिब खान (भोपाल), मनीष मारू (आगर), बबलू किलोरिया (नीमच), रईस सिद्दिकी (बुरहानपुर), आनंद निगम (उज्जैन) ये भी पढ़ें –
फोटो में सिंधिया पीछे, कांग्रेस बोली- ढूंढो, महाराज कहां हैं: कांग्रेस ने मंत्री विजय शाह को किया गिरफ्तार करीब महीनेभर पहले ग्वालियर आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को मंच से ‘राजा साहब’ कहकर संबोधित किया था। अब वही सिंधिया भाजपा नेताओं के फोटो सेशन में पीछे खड़े नजर आए तो कांग्रेस ने तंज किया है। कांग्रेस ने कहा- नजर आना जरूरी है। ढूंढो, महाराज कहां हैं। पूरी खबर पढ़ें