नए साल से पहले काशी, मथुरा और अयोध्या में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंचने से हालात महाकुंभ जैसे बन गए हैं। मथुरा-वृंदावन की गलियों में पैर रखने की जगह नहीं है। काशी विश्वनाथ और अयोध्या में मंदिर के बाहर 2 KM तक लंबी लाइनें लगी हैं। काशी में बाबा के दर्शन के लिए 3 लाख लोग पहुंचे हैं। मथुरा में भी 2 लाख श्रद्धालु हैं। वहीं, अयोध्या में डेढ़ लाख श्रद्धालु राम मंदिर और हनुमानगढ़ी के आसपास मौजूद हैं। काशी विश्वनाथ धाम में एक हफ्ते में 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसा नजारा सावन के सोमवार या महाकुंभ के समय ही देखने को मिला था। भारी भीड़ को देखते हुए का काशी विश्वनाथ मंदिर में चार गेट से श्रद्धालुओं को एंट्री दी जा रही है। स्पर्श दर्शन पर रोक लगा दी गई है। गर्भगृह में एंट्री पर रोक है। मंदिर के 2 किमी के दायरे में सभी गाड़ियों की एंट्री रोक दी गई है। मथुरा में भी ऐसे ही हालात हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु वृंदावन, बरसाना सहित ब्रज के अन्य धार्मिक स्थलों पर पहुंच रहे हैं। भीड़ के भारी दबाव को को देखते हुए बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन ने 29 दिसंबर से 5 जनवरी तक श्रद्धालुओं से वृंदावन आने से परहेज करने की अपील की है। 3 तस्वीरें देखिए- तीनों शहरों से जुड़ी पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे एक-एक ब्लॉग से गुजर जाइए…
वृंदावन में पैर रखने की जगह नहीं:अपील- 5 जनवरी तक बांके-बिहारी मंदिर न आएं; अयोध्या-काशी में 2 किमी लंबी लाइन
