गुर्दे की पथरी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। करीब 10% लोगों को अपने जीवनकाल में कभी न कभी गुर्दे की पथरी की समस्या होती है। यह जानकारी KGMU यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ.अपुल गोयल ने दी। वह शुक्रवार को KGMU के जनरल सर्जरी विभाग के 114वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सेमिनार को संबोधित कर रहे थे।डॉ.अपुल गोयल ने कहा कि गुर्दे की पथरी 30 से 40 वर्ष की उम्र के लोगों में अधिक देखी जाती है। इसका मुख्य लक्षण अचानक और तेज दर्द होना है। जो कमर या पेट के निचले हिस्से में महसूस होता है। समय पर इलाज न होने पर यह गुर्दे को नुकसान पहुंचा सकता है। यदि दोनों पथरी का इलाज समय पर नहीं किया जाए तो गुर्दे खराब हो सकते हैं। 50% में दोबारा पथरी का खतरा डॉ.अंशुमान ने कहा कि एक बार इलाज के बाद भी लगभग 50 प्रतिशत मरीजों में दोबारा गुर्दे में पथरी की आशंका बन रहती है। लिहाजा इलाज के बाद भी सावधानी बरतें। खानपान और जीवनशैली में सुधार कर दोबारा पथरी बनने के खतरे को कम किया जा सकता है। बरतें ये सावधानी
50% मरीजों के गुर्दे में दोबारा पथरी पनपने का खतरा:एक्सपर्ट बोले- समय पर इलाज न होने पर किडनी डैमेज होने का खतरा
