कुमाऊं क्षेत्र, जो उत्तराखंड के प्रमुख सांस्कृतिक इलाकों में से एक है, अपनी विशिष्ट परंपराओं और सामूहिक त्योहारों के लिए जाना जाता है. कुमाऊं में होली केवल रंगों का त्योहार नहीं बल्कि बैठकी होली और खड़ी होली जैसे पारंपरिक गायन की समृद्ध परंपरा से भी जुड़ी है. उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में सर्दियों के बाद जब धूप खिलने लगती है और मौसम साफ होता है, तब महिलाएं और घर के बुजुर्ग मिलकर इस खास तैयारी में जुट जाते हैं.
कुमाऊं क्षेत्र में है बैठकी और खड़ी होली की पहाड़ी परंपरा, स्वाद का तड़का लगाने की है खास तैयारी
