पहाड़ की होली में दो ऐसे किरदार होते हैं, जिनके अचानक आगमन से माहौल में हंसी और उत्साह की लहर दौड़ जाती है. महिलाओं की होली में महिलाएं पुरुषों का वेश धारण करती हैं, कोई फौजी बनती है, तो कोई बूढ़े दादा का रूप ले लेती है. वहीं पुरुषों की होली में पुरुष महिलाएं बनकर सजते हैं. वे घाघरा-चोली, दुपट्टा और गहनों जैसे परिधान पहनकर नृत्य करते हैं. इन किरदारों को कई जगह ‘नकटा’ या ‘स्वांग’ के रूप में भी जाना जाता है.
होली की अनोखी परंपरा, औरत बनती है आदमी, आदमी बनता है औरत, नाटकीय अंदाज में मनाते हैं उत्सव
