हरियाणा के अंबाला की डॉ. तन्वी के देहरादून में सुसाइड करने के मामले में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई है। चार महीने से परेशान चल रही डॉ. तन्वी ने अपनी हेड ऑफ द डिपार्टमेंट (HOD) से हुई बातचीत की एक कॉल रिकॉर्डिंग कर रखी थी। मरने से पहले डॉ. तन्वी ने अंबाला में पापा ललित मोहन को फोन पर कहा था- बहुत परेशान हो गई हूं…अब रिकॉर्डिंग दिखानी ही पड़ेगी। करीब आधे घंटे की यह ऑडियो अपने पिता को भी भेजी थी, जिसे अब ललित मोहन ने मीडिया के साथ शेयर की। ललित मोहन का दावा है कि ऑडियो में उनकी शिकायत पर देहरादून पुलिस ने श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज (SGRR) की नेत्र विज्ञान विभाग की प्रमुख डॉ. प्रियंका गुप्ता पर FIR दर्ज कर ली है। दैनिक भास्कर एप से बातचीत में डॉ. ललित मोहन ने बताया कि इसी साल जुलाई में बेटी के फाइनल एग्जाम थे, उसकी मास्टर ऑफ सर्जरी (MS) की डिग्री कंपलीट हो जाती। 24 मार्च की रात को बेटी ने 1 घंटा बात की। कहा-पापा बहुत परेशान हो गई हूं, अब तो रिकॉर्डिंग मैनेजमेंट को दिखानी ही पड़ेगी। वहीं, सीओ देहरादून अंकित कंडारी का कहना है कि परिजनों की शिकायत के आधार डॉ. प्रियंका गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है। हर पहलू से पड़ताल की जा रही है। डॉ. तन्वी की किया सोनेट कार की 2 PHOTOS… जानिए…आधे घंटे की ऑडियो में क्या बातें रिकॉर्ड तन्वी की ऑडियो रिकॉर्डिंग में क्या, वन टू वन बातचीत से समझे…. तन्वी: रचना मैम ने कहा कि 25 में बैठ जाओ, डिफरेंसिस देख लेना। बाद में मुझे पता चला कि गुरमीत ओपीडी देखेगा, मतलब कैंप वर्क सारा करेगा, ओटी करवाएगा। शी सैड यू आर फ्री फ्राम माई साइड।
डाॅ. प्रियंका गुप्ता : कुछ कहती है (ऑडियो में क्लियर नहीं)
तन्वी: हां हम अपना कम्यूनिकेशन गैप कर लेंगे, ठीक कोई ना, हमारी बात हो गई है। डाॅ. प्रियंका गुप्ता: वाय आल हैंपन विद यू।
तन्वी: मैम आप बताओ मैं किस-किस को खुश करूं और कैसे। बताओ मैं क्या कर सकती हूं इसमें। मैंने तो ऐसा कुछ भी नहीं किया। डाॅ. प्रियंका: तुम्हें पता है क्लास का टाइम है।
तन्वी: मैम क्लास कभी मिस नहीं की है मैंने, एक दिन की थी उस दिन थोड़ा कन्फूजन था। हम ओटी से ऊपर लेट आए थे। तन्वी: मैं किसी की लाइफ में इंटरफेयर नहीं करती हूं। एक ही दिन की बात है। मैं पढ़ने आई थी तो आस्था फाइल लेकर आई। मैं आज तक लाइब्रेरी गई नहीं। मैं उस दिन यहां आई थी पढ़ाई करने, लैपटाप पर कुछ बनाने। आस्था एक ही मिनट के लिए आई मेरे पास, तब वैष्णवी ने उसे कहा कि वहां नहीं यहां आकर बनाओ। तन्वी: मैम मैं जितनी इंटरोवर्ट हूं, दो से ज्यादा लोग से इकट्ठे बात नहीं कर सकती। अगर सब मिलकर टारगेट कर रहे हो तो क्या कर सकती हूं। कुछ होगा नहीं इससे।
डाॅ. प्रियंका गुप्ता: आई एम नोट टारगेटिंग यू, बस बता रही हूं तुमसे सब नाखुश हैं। तन्वी: मैं किसी भी तरह की पालिटिक्स में इंवॉल्व होना भी नहीं चाहती हूं।
डाॅ. प्रियंका: तुम्हें सही से पता है कि क्या सही है और क्या गलत है। तन्वी: मतलब आप बता दो क्या गलत है।
डाॅ. प्रियंका: फोटोग्राफ करना, मतलब कुछ भी देखना।
तन्वी: हां, वो ओटी वाली फोटोग्राफ। तन्वी: वत्सला मैम का मुझे समझ नहीं आया कि अगर उन्हें उस ईवीएस से भी नाराजगी थी कि मैंने क्यों किया।
डाॅ. प्रियंका: नहीं, उन्हें उससे पहले भी तुमसे नाराजगी थी।
तन्वी: मुझे मेरे स्पेस में रहना ही पसंद है। मुझे काम करना ही पसंद है। अब पढ़िए पिता ने शिकायत में क्या बताया… नई HOD बेटी को परेशान करने लगी: तन्वी के पिता ललित मोहन ने पुलिस को जो शिकायत में बताया कि तन्वी सितंबर 2023 से SGRR कॉलेज से ऑप्थल्मोलॉजी (आंखों के रोग) से एमएस कर रही थी। डॉ. तरन्नुम शकील एचओडी थीं. दिसंबर 2025 तक उसकी पढ़ाई ठीक चल रही थी, लेकिन इसके बाद उसके डिपॉर्टमेंट में डॉ. प्रियंका गुप्ता को नया HOD बनाया गया। डॉ. प्रियंका बेटी को परेशान करने लगी। HOD नंबर काटने की धमकी देने लगी: शिकायत में कहा गया है कि HOD डॉ. प्रियंका ने शुरुआत से ही तन्वी को डराना-धमकाना शुरू कर दिया और उसे पहले के HOD से किसी भी तरह का संपर्क रखने से मना कर दिया। जहां तन्वी को उसके एग्जाम में परफॉर्मेंस के आधार पर पहले अच्छे नंबर मिलते थे, बाद में उसके लॉग बुक में अचानक कम या जीरो नंबर दिए जाने लगे। बेटी को फाइनल एग्जाम में फेल करने की धमकी भी दी गई। पैसों की मांग और परिवार की गुहार: डॉ. ललित मोहन ने शिकायत में यह भी कहा कि बेटी से पैसों की मांग की गई, जबकि पूरी फीस पहले ही कॉलेज में जमा कराई जा चुकी थी। इस वजह से तन्वी मानसिक दबाव में रहने लगी और उसने कई बार अपने मुझे भी इस बारे में बताया। पिछले चार महीनों में हमनें तीन-चार बार कॉलेज पहुंचकर HOD से बेटी के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करने की गुहार लगाई। डॉ. तन्वी की पिता की ओर से देहरादून पुलिस को दी गई शिकायत की कॉपी… अब 6 पॉइंट्स में जानिए कॉलेज ने इस मामले पर क्या कहा… 1. लंबे समय से मानसिक बीमारी का इलाज चल रहा था कॉलेज प्रशासन ने SSP को लिखे पत्र में कहा है कि तनवी काफी समय से मानसिक बीमारी से जूझ रही थी और उसका इलाज चल रहा था। पढ़ाई के दौरान भी वह कई बार खुद को नुकसान पहुंचाने जैसी बातें करती थी। 2. पहले भी आत्महत्या की कोशिश कर चुकी थी कॉलेज के अनुसार, करीब दो साल पहले तनवी ने आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके अलावा 31 दिसंबर 2025 की रात भी उसने दोबारा ऐसा प्रयास किया था, जिसकी जानकारी रिकॉर्ड में होने की बात कही गई है। 3. परिवार को थी पूरी जानकारी, लिखित कंसेंट भी दिया गया था पत्र में कहा गया है कि तनवी की मानसिक स्थिति के बारे में उसके माता-पिता को पूरी जानकारी थी। साथ ही पैरेंट्स की ओर से उसके इलाज और स्थिति को लेकर एमएस ऑफिस में पहले ही लिखित सहमति (कंसेंट) भी जमा कराई गई थी। 4. इलाज के लिए कैंपस के पास रह रहा था परिवार कॉलेज प्रशासन का कहना है कि तनवी की स्थिति को देखते हुए उसका परिवार देहरादून में कॉलेज कैंपस के पास किराए के मकान में रह रहा था। ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज और देखभाल मिल सके। 5. घटना के बाद अस्पताल लाया गया, इमरजेंसी में मृत घोषित प्रशासन के मुताबिक, घटना के बाद छात्रा को 25 मार्च की सुबह करीब 3:15 बजे अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया था। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया और आगे की प्रक्रिया पूरी की गई। 6. कार्रवाई की मांग से डॉक्टरों का मनोबल गिरने की चिंता पत्र में यह भी कहा गया है कि कुछ लोग इस मामले में डॉक्टरों और अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की बात कर रहे हैं, जिससे डॉक्टरों का मनोबल गिर सकता है। प्रशासन ने अपील की है कि मामले को गलत तरीके से पेश न किया जाए और तथ्यों के आधार पर जांच की जाए। ———————- ये खबर भी पढ़ें…. हरियाणा की लेडी डॉक्टर ने जहरीला इंजेक्शन लगा सुसाइड किया:देहरादून में गाड़ी लॉक मिली, दवा कारोबारी पिता बोले- कॉलेज HOD जीरो नंबर देती थी हरियाणा के अंबाला की रहने वाली 26 वर्षीय लेडी डॉक्टर ने देहरादून में जहरीला इंजेक्शन लगाकर सुसाइड कर लिया। तन्वी देहरादून के ही श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज (SGRR) से MS (मास्टर ऑफ सर्जरी) की पढ़ाई कर रही थी। (पूरी खबर पढ़ें)
लेडी डॉक्टर की वो रिकॉर्डिंग जिसका खुलासा करना चाहती थी:सुसाइड से पहले हरियाणा में पापा से फोन किया; बोलीं- बहुत परेशान हूं, ऑडियो भेजनी ही पड़ेगी
