हरियाणा में भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध राज्यसभा सांसद बन गए। चुनाव में वोटिंग से लेकर रिजल्ट तक की प्रक्रिया में 16 घंटे लगे। ऐसा पहली बार नहीं है, जब रिजल्ट के लिए इतना इंतजार करना पड़ा। इससे पहले 2022 में दो सीटों के लिए हुए चुनाव में भी ऐसा ही हुआ था। तब करीब 18 घंटे का इंतजार करने के बाद रिजल्ट आया था। उस समय कांग्रेस ने अजय माकन, भाजपा ने कृष्ण लाल पंवार को उम्मीदवार बनाया था। निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा के बेटे कार्तिकेय शर्मा थे। कांग्रेस और भाजपा के उम्मीदवारों की आपत्ति खारिज करने के बाद रात 12.45 बजे वोटों की गिनती शुरू हुई थी। देर रात 2:30 बजे पर भाजपा के कृष्ण पंवार व निर्दलीय कार्तिकेय विजयी घोषित कर दिए गए। तब बहुमत होते हुए भी वोट वैल्यू से कांग्रेस हार गई थी। बिश्नोई ने क्रॉस वोटिंग की, कांग्रेस विधायक का वोट रद्द चुनाव में महम से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू वोटिंग में शामिल नहीं हुए। कांग्रेस के ही आमदपुर विधायक कुलदीप बिश्नोई पर क्रॉस वोटिंग के आरोप लगे। बताया जाता है कि प्रदेश अध्यक्ष न बनाए जाने के कारण बिश्नोई पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहे थे। इसके अलावा, कांग्रेस के एक और विधायक का वोट रद्द हो गया। बाद में सियासी हलकों में चर्चा चली कि वो वोट किरण चौधरी का था। अब जानिए 2022 में भाजपा-निर्दलीय उम्मीदवार कैसे जीते… राज्यसभा चुनाव में वोटों की गिनती एक खास तरीके से होती है, जिसे “वोट वैल्यू” कहते हैं। इस चुनाव में, हर विधायक के वोट की वैल्यू 100 थी। हरियाणा विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं, लेकिन उस दौरान निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू ने वोट नहीं दिया, इसलिए कुल 89 वोट पड़े। इस तरह, कुल वोट वैल्यू 8900 हुई। जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को 2934 वोट वैल्यू चाहिए थी। भाजपा उम्मीदवार कृष्ण लाल पंवार को 36 विधायकों ने वोट दिया, यानी 3600 वोट वैल्यू मिली। पंवार को जीतने के लिए सिर्फ 2934 वोट वैल्यू की जरूरत थी, इसलिए उनके पास 666 वोट वैल्यू बच गई। कांग्रेस के अजय माकन को 29 विधायकों ने वोट दिया, यानी 2900 वोट वैल्यू मिली। इसी तरह निर्दलीय कार्तिकेय शर्मा को 23 विधायकों ने वोट दिया, यानी 2300 वोट वैल्यू मिली। कुलदीप बिश्नोई ने क्रॉस वोटिंग की, यानी उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार अजय माकन को वोट नहीं दिया। एक कांग्रेस विधायक का वोट रद्द हो गया, जिससे माकन की वोट वैल्यू और कम हो गई। पंवार के पास जो 666 वोट वैल्यू बची थी, वह कार्तिकेय शर्मा के खाते में जुड़ गई। इससे कार्तिकेय की कुल वोट वैल्यू 2966 हो गई, जो जीतने के लिए जरूरी 2934 से ज्यादा थी। अजय माकन को 2900 वोट वैल्यू मिली, जो जीत के आंकड़े से 66 वोट वैल्यू कम थी। इस तरह, माकन 66 वोट वैल्यू से हार गए। यानी एक वोट से भी कम का अंतर था। ठीक ऐसा, जैसे इस बार हुआ। इस बार जीत का अंतर .33 का रहा।
हरियाणा राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया 16 घंटे चली:2022 में रिजल्ट आने में 18 घंटे लगे थे, तब बहुमत होते हुए भी हारी थी कांग्रेस
