हत्यारा मामा भांजे को ढूंढने का नाटक करता रहा:झज्जर में बहन के घर कई बार गया, मैसेज में रिश्तेदारों का नाम लिखने से फंसा

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झज्जर के रहने वाले 19 वर्षीय यशु की हत्या रिश्ते में मामा लगने वाले इंदरसेन ने ही कर दी। हालांकि, पुलिस या परिवार ने इसका खुलासा नहीं किया है कि इंदरसेन ने यशु को क्यों मारा। परिवार का इतना जरूर कहना है कि 29 दिसंबर को यशु के लापता होने के बाद इंदरसेन उसे ढूंढने का नाटक करता रहा। वह परिवार के साथ पुलिस को शिकायत देने भी गया। जब बेटे का सुराग नहीं लगा, तो परिवार ने रिश्तेदारों को कह दिया कि वे घर न आएं। इसके बाद इंदरसेन यशु के ही नंबर से परिवार को वॉट्सएप मैसेज करने लगा। उसने 3 बार परिवार को मैसेज किए। आखिरी मैसेज में उसने कुछ रिश्तेदारों के नाम लिखे। इस पर परिवार को शक हो गया कि यशु को गायब करने में किसी रिश्तेदार का ही हाथ है। परिवार ने इसकी सूचना झज्जर पुलिस को दी। पुलिस ने शक के आधार पर इंदरसेन को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने बताया कि 5 जनवरी को उसने यशु की पजामे के नाड़े से गला घोंटकर हत्या की थी। इसके बाद रोहतक में IMT क्षेत्र के पास 5 फीट गहरे गड्ढे में उसका शव दफना दिया। इंदरसेन 7 दिन के पुलिस रिमांड पर है। सिलसिलेवार ढंग से जानिए यशु के परिवार ने क्या बताया….. यशु के गायब होने के अगले दिन आया यशु के ताऊ सत्यपाल ने बताया कि इंदरसेन बाघपुर गांव के स्कूल में टीचर है। इसके अलावा वह बिगोवा गांव में इंदरसेन पार्टनरशिप में ‘बीएसएम’ नाम से एक प्राइवेट स्कूल भी चलाता है। 29 दिसंबर को यशु के गायब होने के अगले ही दिन इंदरसेन सिलानी गांव में आ गया और उसकी मां बबीता को सांत्वना देने लगा। वह यशु की मां को रोने से रोकने के लिए कहता था, “बहन चुप हो जा, बेटा मिल जाएगा।” उसने यशु को ढूंढने का पूरा नाटक किया। पुलिस को शिकायत देने भी वह साथ ही गया था। 15 जनवरी को रिश्तेदारों को घर आने से रोका यशु के मामा के बेटे ध्रुव ने बताया कि जब यशु का कोई सुराग नहीं लग रहा था, तो उसकी मां बबीता ने 15 जनवरी को सभी रिश्तेदारों से कह दिया था कि कोई भी घर पर न आए। ध्रुव अपनी बुआ के पास ही रह रहा था। परिवार के केवल एक-दो सदस्यों को ही घर में आने की अनुमति दी गई थी, जो घर के एक छोटे गेट से ही आ-जा सकते थे। 18 जनवरी को पहली बार मैसेज आया ध्रुव ने बताया कि घर के बाहर गेट पर कैमरों को अच्छे से सेट किया गया, ताकि गली से गुजरने वाले हर किसी पर नजर रखी जा सके। यशु के गायब होने के बाद, जब सभी को घर आने से रोक दिया गया, तो यशु के वॉट्सएप नंबर से उसकी मां बबीता के फोन पर पहली बार 18 जनवरी को मैसेज भेजकर धमकियां दीं। 15 फरवरी को सगे मामा को भी मैसेज किए ध्रुव ने कहा कि उसके बाद आरोपी ने दूसरा मैसेज 26 जनवरी को फिर से किया, जिसमें लिखा था कि अगर पुलिस को बताने की कोशिश की तो आपके लड़के के अंगों को मिडिल ईस्ट में बेचकर हमारा नुकसान पूरा कर लेंगे। अपने बच्चे की जान की सलामती के लिए पैकेट ढूंढो और मोबाइल रिचार्ज करवाकर मैसेज करो। 15 फरवरी को फिर 7 बड़े-बड़े धमकी भरे मैसेज आए। इस बार यशु के सगे मामा बलराज के वॉट्सएप नंबर पर भी मैसेज किए गए। इस बार उसने कुछ रिश्तेदारों के नाम भी मैसेज में लिखे। परिवार को किसी रिश्तेदार पर ही शक हुआ ताऊ सत्यपाल ने बताया कि मैसेज में रिश्तेदारों के नाम देखकर परिवार को शक हो गया कि यशु को गायब करने में किसी रिश्तेदार का ही हाथ हो सकता है। इसके बाद परिवार ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जांच के दौरान पुलिस को इंदरसेन पर शक हुआ। 18 जनवरी को जब पहली बार मैसेज आया, तो उसकी लोकेशन सांपला रोड पर थी और किसी निजी वाईफाई से नेट कनेक्ट कर मैसेज किया गया था। मैसेज करने वाला दिन में 12 से 3 बजे के बीच मैसेज करता था। पुलिस ने 15 फरवरी को रोहतक से इंदरसेन को हिरासत में ले लिया। उसकी निशानदेही पर 16 फरवरी की रात रोहतक के IMT क्षेत्र में खाली जमीन में गड्‌ढे से यशु का शव बरामद कर लिया गया। अब जानिए कौन है यशु चाहर, जिसकी हत्या हुई…. BA सेकेंड ईयर का स्टूडेंट यशु चाहर (19) झज्जर के सिलानी केसो गांव का रहने वाला था। वह झज्जर के नेहरू कॉलेज में BA सेकेंड ईयर का स्टूडेंट था। यशु के घर में मां बबीता और बड़ा भाई अंकित है। अंकित भारतीय सेना में है। यशु भी सेना में जाना चाहता था। वह कॉलेज की NCC टीम में शामिल था। यशु के पिता विरेंद्र सिंह का 2008 में निधन हो गया था। वह भी भारतीय सेना में थे। लेह में ड्यूटी के दौरान उन्हें पैरालिसिस अटैक आया था। 29 दिसंबर को लापता हुआ 29 दिसंबर को यशु लापता हुआ था। यशु की मां बबीता की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज किया था। मामले की जांच CIA टीम कर रही थी। CIA इंचार्ज कर्मवीर ने बताया कि जांच के दौरान टीम ने इंदरसेन नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया। इंदरसेन यशु की मां के मामा का बेटा है। इंदरसेन को पता था कि यशु नेहरू कॉलेज में पेपर देने आएगा। वह यशु को बहाने से अपने साथ ले गया। उसने पहले यशु को नींद की गोलियां देकर स्कूल के एक कमरे में बंद रखा। 5 जनवरी को नाड़े से गला घोंटा CIA इंचार्ज ने आगे बताया कि 5 जनवरी को पजामे के नाड़े से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। उसने रोहतक IMT के सुनसान इलाके में पहले से गड्ढा खोद रखा था, जहां शव को दफना दिया गया। 16 फरवरी की रात टीम ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव को बरामद कर अपने कब्जे में ले लिया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। ————————— ये खबर भी पढ़ें :- रोहतक में मामा ने भांजे की हत्या की:झज्जर से किडनैप कर लाया, पजामे के नाड़े से गला दबाया, गड्‌ढे में दफनाया शव रोहतक के IMT क्षेत्र में 19 वर्षीय युवक की मामा ने हत्या कर दी। इसके बाद उसका शव 5 फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया गया। युवक झज्जर का रहने वाला था और 29 दिसंबर को लापता हुआ था। झज्जर पुलिस ने इस मामले में युवक की मां के मामा के बेटे को गिरफ्तार किया है। पढ़ें पूरी खबर…