शॉल नहीं, पहाड़ों की पहचान है भेड़ के ऊन से बनी ‘पंखी’, जानिए इसे क्यों माना जाता है दुल्हन के लिए सबसे शुभ?

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Pankhi Shawl Uttarakhand: उत्तराखंड का ‘पंखी शाल’ पहाड़ों की सादगी और हुनर का बेजोड़ नमूना है. भेड़ के मोटे और प्राकृतिक ऊन और हाथ से बुनी गई यह शॉल कड़ाके की ठंड में भी शरीर को अंगीठी की तरह गर्म रखती है. मशीनी युग में भी अपनी मजबूती और गर्माहट के दम पर पंखी शॉल ने पहाड़ों की संस्कृति को जिंदा रखा है. सबसे अच्छी बात यह है कि इतनी मेहनत से तैयार होने वाली यह शुद्ध ऊनी शॉल आज भी आम लोगों के बजट में है और बाजार में इसकी कीमत मात्र 1000 से 2000 रुपये के बीच है. जानिए क्यों पहाड़ों में आज भी लोग इसे आधुनिक जैकेटों से ज्यादा अहमियत देते हैं.