मैं दोनों से प्यार करता हूं, किसी को छोड़ना नहीं चाहता। हालात ऐसे बने कि मुझे ये फैसला लेना पड़ा, लेकिन दिल में किसी के लिए नफरत नहीं है। – राकेश साहू,पति बीमारी में आंखों की रोशनी चली गई, तब समझ आया कि मेरे अपने ही बोझ समझने लगे हैं। अब मैं न देख सकती हूं, न खुद कोई काम कर सकती हूं। – हेमलता, पहली पत्नी राकेश मुझसे शादी करके पहली पत्नी की सेवा के लिए लाया था। मैंने उसे दीदी की तरह माना, अब कहा जा रहा है कि घर छोड़ दो, तो मैं जाऊं कहां? – राजकुमार, दूसरी पत्नी छतरपुर जिले के सूरजपुर गांव में दिव्यांग महिला के साथ घरेलू हिंसा और बिना तलाक दूसरी शादी करने का मामला सामने आया है। पीड़िता हेमलता साहू ने पति राकेश साहू और ससुराल पक्ष के खिलाफ एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। हेमलता के अनुसार, उसकी शादी 2021 में सूरजपुरा निवासी राकेश साहू से हुई थी। कुछ समय बाद ससुराल पक्ष ने दो लाख रुपए की मांग शुरू कर दी। मांग पूरी न होने पर उसके साथ मारपीट की गई। बीमारी के दौरान उसे कथित रूप से संदिग्ध दवा खिलाई गई, जिससे उसकी आंखों की रोशनी पूरी तरह चली गई। दिव्यांग होने के बाद उसे बोझ समझकर घर से निकाल दिया गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि पति ने बिना तलाक लिए एक लाख रुपए में राजकुमारी नाम की महिला को लाकर दूसरी शादी कर ली। अगस्त में समझौते के बहाने बुलाकर दोबारा मारपीट की गई, जिससे उसे गंभीर चोट आई। वहीं, पति राकेश साहू का कहना है कि पहली पत्नी पहले से ही दृष्टिहीन थी और दूसरी महिला को उसने लिव-इन में रखा है। दूसरी महिला राजकुमारी ने सभी की सहमति से शादी होने की बात कही है। CSP अरुण सोनी ने बताया कि मामले की जांच कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर भास्कर टीम ने पति-पत्नी सहित गांव के लोग और पुलिस से भी बात की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पीड़िता की एसपी से शिकायत- दो लाख मांगे, मारपीट की
छतरपुर कमला कॉलोनी निवासी हेमलता साहू ने अपने पति राकेश साहू और ससुराल वालों के खिलाफ एसपी कार्यालय में आवेदन देकर न्याय की मांग की है। हेमलता ने बताया कि उसकी शादी 2021 में ग्राम सूरजपुरा निवासी लक्ष्मन उर्फ राकेश साहू के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही ससुर कल्लू साहू, सास हल्की बाई उर्फ प्यारी बाई और मामा ससुर कल्लू दो लाख रुपए की मांग करने लगे। हेमलता का आरोप है कि मांग पूरी न होने पर उसे प्रताड़ित किया गया और बीमारी के समय उसे कोई चीज खिलाई गई, जिससे उसकी आंखों की रोशनी 99 प्रतिशत तक चली गई। उससे धोखे से कोर्ट के दस्तावेजों पर अंगूठा लगवाया गया। पति ने एक लाख रुपए में राजकुमारी नाम की महिला को लाकर दूसरी शादी कर ली। अगस्त माह में शिकायत के बाद समझौते का भरोसा दिया गया था, लेकिन पति और राजकुमारी ने मिलकर फिर से मारपीट की और घर से बाहर निकाल दिया। इस मारपीट में मेरे सिर में चोटें आई हैं। आंखों की रोशनी लगभग पूरी तरह चली गई और मैं दैनिक कार्यों के लिए दूसरों पर मोहताज हो गई हूं। नोटरी करवाई, लिखा सहमति से करवा रही है शादी
पीड़िता हेमलता साहू का कहना है कि पति और दूसरी महिला ने मेरे अंधेपन का फायदा उठाते हुए नोटरी करवाई थी। नोटरी दस्तावेज में यह लिखा है कि हेमलता अपनी सहमति से पति की दूसरी शादी करवा रही है। दूसरी महिला राजकुमारी का दावा है कि इस प्रक्रिया में तीनों की सहमति थी और लिखित दस्तावेज तैयार किया गया था। वहीं, हेमलता का आरोप है कि उससे धोखे से दस्तावेजों पर अंगूठा लगवाया गया और वह कानूनी प्रक्रिया से अनजान थी। पुलिस का कहना है कि नोटरी की वैधानिकता और सहमति की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। देखिए तीनों की नोटरी… पति राकेश बोला- दोनों मिलकर रह सकती है
राकेश साहू ने बताया कि उसकी पहली पत्नी हेमलता को पहले से दिखाई नहीं देता था, लेकिन यह बात उससे छिपाकर शादी कराई गई थी। इसी कारण उसने सीधी जिले से राजकुमारी को लाकर लिव-इन में रखा है। राकेश का कहना है कि उसने हेमलता को घर से नहीं निकाला है और वह आज भी चाहे तो उसके साथ रह सकती है। वह दोनों पत्नियों को साथ रखना चाहता है। पहली पत्नी को दिखाई न देने की स्थिति के चलते वह दूसरी महिला को साथ लेकर आया। मारपीट या घर से निकालने के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि हेमलता झूठे आरोप लगा रही है। उसने यह भी दावा किया कि 3-4 साल पहले उसकी शादी उससे सच छिपाकर कराई गई थी और हेमलता को तब भी दिखाई नहीं देता था। दूसरी पत्नी राजकुमारी बोली- दीदी की तरह सेवा की
दूसरी पत्नी राजकुमारी साहू ने बताया कि शुरुआत में वे सभी मिल-जुलकर शांतिपूर्वक रह रहे थे। एक दिन हेमलता के पिता आए और उसे अपने साथ मायके ले गए। शादी से पहले उसने करीब 15 दिन तक हेमलता से लगातार बातचीत की थी और स्पष्ट रूप से पूछा था कि वह अपने पति की शादी उससे क्यों करवा रही है। इस पर हेमलता ने कहा था कि यह उसकी अपनी इच्छा है, क्योंकि उसे दिखाई नहीं देता, कोई काम नहीं कर पातीं और पति भी परेशान रहते हैं। हेमलता ने कहा था कि दूसरी शादी से उसकी सेवा भी हो जाएगी और पति को भी सहारा मिल जाएगा। राजकुमारी का दावा है कि उसने हेमलता को दीदी की तरह मानकर पूरी सेवा की। चाय, नाश्ता, खाना, पानी देना, नहलाना, कपड़े धोना और हर तरह से देखभाल करना वह खुद करती थी। इसके बावजूद अब उस पर आरोप लगाए जा रहे हैं और घर छोड़ने के लिए कहा जा रहा है। राजकुमारी ने कहा कि कोर्ट मैरिज और नोटरी की लिखा-पढ़ी भी तीनों की सहमति से कराई गई थी, फिर भी अब उसके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। राजकुमारी बोली- हेमलता झूठे आरोप लगा रही
राजकुमारी ने कहा कि उसे पति के लिए नहीं, बल्कि उसकी पहली पत्नी हेमलता की सेवा के उद्देश्य से घर लाया गया था। उसका दावा है कि उसने इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाया और अपने वचनों पर कायम रही। उसने कई बार हेमलता से कहा कि वह उसी तरह साथ रहें, जैसे पहले सभी मिल-जुलकर रहते थे और सामान्य रूप से खान-पान चलता था। राजकुमारी के अनुसार, बातचीत के दौरान हेमलता ने उसे बताया था कि छह साल की उम्र से ही उसकी आंखों की रोशनी चली गई थी। उसकी सुविधा के लिए घर में रिवॉल्विंग चेयर मंगाई गई थी, जिस पर वह दिनभर बैठती या घूमती रहती थी। अब उस पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। वह पहले की तरह साथ रहकर सेवा जारी रखना चाहती है, लेकिन उसे जानकारी मिली है कि अब लाखों रुपए की मांग की जा रही है। सीएसपी ने कहा- नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी
मामले को लेकर सीएसपी छतरपुर अरुण सोनी ने बताया कि थाना बमीठा क्षेत्र से एक शिकायत मिली है। शिकायत में पत्नी हेमलता ने आरोप लगाया है कि दिव्यांग होने के बाद उसके पति ने दूसरी शादी कर ली और उसे घर से निकाल दिया गया। पुलिस द्वारा शिकायत का सत्यापन किया जा रहा है, इसके बाद नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। सीएसपी ने स्पष्ट किया कि इस तरह के मामलों में स्टांप या नोटरी पर की गई लिखा-पढ़ी कानूनी रूप से वैध नहीं मानी जाती। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि वास्तविक स्थिति क्या है और किन परिस्थितियों में यह लिखा-पढ़ी की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में यह सामने आता है कि किसी भी कानूनी प्रावधान का उल्लंघन करते हुए दूसरी शादी की गई है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ उचित धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा।
पति बोला-दोनों से प्यार करता हूं, किसी को नहीं छोड़ूंगा:पत्नी बोली-अंधा कर दूसरी लाए; दूसरी ने कहा- मैंने तो दीदी के हाथ-पैर तक दबाए
