दस स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों की इकाई स्थापित करने को शासन ने मांगा आवेदन
किसान व पशुपालकों को आर्थिक स्थिति मजबूत करने का सरकार दे रही सुनहरा अवसर
प्रयागराज,13 जुलाई (हि.स.)। योगी सरकार नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत गौपालकों को अनुदान देकर आर्थिक स्थिति मजबूत करने में जुटी हुई है। शासन ने वित्तीय वर्ष 2025—26 मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 10 स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों की इकाई स्थापित करने के लिए आवेदन मांगा है। किसान भाई और गौ पालक विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन 14 जुलाई से कर सकते है। आवेदन करने की अन्तिम तिथि 13 अगस्त निर्धारित की गई है। यह जानकारी रविवार को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. शिवनाथ यादव ने दी।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 10 गायों की इकाई स्थापित करने के लिए 11.80 लाख का अनुदान दो चरणों में दिया जाएगा। इस योजना को उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में लागू किया गया है। डॉ. यादव ने बताया कि इस योजना के तहत लाभार्थी अंश 15 प्रतिशत, बैंक ऋण 35 प्रतिशत तथा इकाई लागत का अधिकतम 50 प्रतिशत सरकार अनुदान देगी। योजना के तहत लाभार्थी को साहिवाल, गिर एवं थारपारकर प्रजाति की 10 गाय की परियोजना की कुल अनुमानित लागत 23.60 लाख रूपए होगी। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि गाय का क्रय प्रदेश के बाहर से यथासंभव ब्रिडिंग ट्रैक्ट से लाभार्थी द्वारा किया जाएगा। इसके साथ यह भी अनिवार्य किया गया है कि गाय खरीदते समय यह आवश्यक है कि प्रथम या द्वितीय ब्यांत की होनी चाहिए तथा गौवंश डेढ़ माह से पूर्व ब्याय न हो।
जाने इकाई स्थापना के लिए क्या शर्ते हैं जरूरी
डॉ.शिवनाथ यादव ने बताया कि इकाई स्थापना के लिए लगभग 0.20 एकड़ (8712 वर्ग फुट जमीन) और चारा उत्पादन के लिए 0.80 एकड़ (34848 वर्ग फुट जमीन)भूमि होना आवश्यक है। यह भूमि स्वयं की, अथवा पैतृक अथवा न्यूनतम 7 वर्ष के लिए अनुबंध व किराएनामे पर ली गई हो।
उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ ऐसे लोगों को नहीं दिया जाएगा जो कामधेनु, मिनी कामधेनु,माइक्रो कामधेनु योजना अथवा नन्द बाबा दुग्ध मिशन के तहत संचालित नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना अथवा मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ—संवर्धन योजना के लाभार्थी है। ऐसे लोगों को पात्र नहीं माना जाएगा।
कहां करना है आवेदन
इस योजना के संबंध में आवेदन नन्द बाबा दुग्ध मिशन पोर्टल https/nandbabadugdhmission.up.gov.in पर ऑनलाइन मांगा गया है। योजना के संबंध में विवरण उक्त पोर्टल पर उपलब्ध है। योजना की अधिक जानकारी के लिए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, उप दुग्धशाला विकास अधिकारी अथवा मुख्य विकास अधिकारी के कार्यालय से ली जा सकती है।
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