उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में स्थित केदारनाथ धाम के कपाट इस साल 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे खुलेंगे। महाशिवरात्रि के अवसर पर पंचकेदार गद्दी स्थल उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में वैदिक विधि-विधान और पंचांग गणना के बाद शुभ मुहूर्त की औपचारिक घोषणा की गई। इस वर्ष कपाट वृष लग्न में खुलेंगे, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। इस साल केदारनाथ यात्रा पिछले साल की तुलना में पहले शुरू हो रही है। 2025 में धाम के कपाट 2 मई को खुले थे, जबकि इस बार 22 अप्रैल को खुलेंगे। यानी श्रद्धालु इस बार 10 दिन पहले बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे। तिथि घोषित होते ही शासन-प्रशासन और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने यात्रा तैयारियों को तेज कर दिया है। पैदल मार्ग से बर्फ हटाने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और यात्रियों के लिए सुविधाएं दुरुस्त करने का काम युद्धस्तर पर जारी है। इस बार यात्रा को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। 5 दिन पहले से शुरू हो जाएगी प्रक्रिया… केदानरनाथ को मिला 325वां रावल … कपाट खुलने की तिथि घोषणा के साथ केदारनाथ धाम के नए रावल केदार लिंग के नाम की आधिकारिक घोषणा भी की गई। रावल धाम की पूजा पद्धति, परंपराओं और धार्मिक व्यवस्थाओं के सर्वोच्च संरक्षक माने जाते हैं और उनके निर्देशन में ही कपाट खुलने से लेकर प्रमुख अनुष्ठान सम्पन्न कराए जाते हैं। इस वर्ष धाम में टी गंगाधर लिंग मुख्य पुजारी का दायित्व निभाएंगे। परंपरा के अनुसार केदारनाथ धाम के रावल दक्षिण भारत के कर्नाटक के वीरशैव (लिंगायत) संप्रदाय से होते हैं। आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित इस परंपरा के तहत रावल की नियुक्ति सदियों से चली आ रही धार्मिक परंपरा और अनुशासन का प्रतीक मानी जाती है। भाई दूज पर बंद हुए थे धाम के कपाट इससे पहले 23 अक्टूबर 2025 को भाई दूज के अवसर पर केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए गए थे। कपाट बंद होने के बाद बाबा की डोली पैदल मार्ग से रवाना होकर लगभग 55 किलोमीटर की यात्रा तय करते हुए 25 अक्टूबर को उखीमठ पहुंची थी, जहां ओंकारेश्वर मंदिर में शीतकालीन प्रवास शुरू हुआ। मंदिर समिति के अनुसार 2025 की यात्रा के दौरान 17,68,795 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए। 2013 की आपदा के बाद यह दूसरा अवसर था जब इतनी बड़ी संख्या में भक्त धाम पहुंचे। अब जानिए कब खुलेंगे किस धाम के कपाट… देवभूमि उत्तराखंड की चारधाम यात्रा इस साल अक्षय तृतीया से शुरू होगी। परंपरा के अनुसार गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल 2026 को विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। इससे पहले मां गंगा की उत्सव डोली मुखवा गांव से तथा मां यमुना की डोली खरशाली से प्रस्थान कर धाम पहुंचेगी, जिसके बाद नियमित दर्शन शुरू होंगे। इसके बाद केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे खोले जाएंगे, जबकि बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे। बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि बसंत पंचमी पर नरेंद्र नगर राजमहल में पारंपरिक गणना के बाद घोषित की गई। 5 प्वॉइंट्स में जानिए इस बार यात्रा में नया क्या… ————–
ये खबर भी पढ़ें… चारधाम यात्रा में हवाई सफर होगा पहले से ज्यादा सेफ:तय रूटों पर चलेंगे हेलिकॉप्टर, हर दस सेकेंड में ट्रैकिंग, 30% तक कम होंगे टिकट वभूमि उत्तराखंड में इस साल चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ और बद्रीनाथ की उड़ान भरने वाले तीर्थयात्रियों के लिए हेलिकॉप्टर का सफर पहले से ज्यादा सेफ रहने वाला है। 2025 की यात्रा में 5 हेलिकॉप्टर हादसों में 13 लोगों की हुई मौत के बाद UCADA और DGCA ने सुरक्षा का एक नया ‘ब्लूप्रिंट’ तैयार किया है। इसमें 5 ऐसे बदलाव हैं जिनके कारण यात्री अब पहले से ज्यादा सुरक्षित तरीके से पवित्र धामों के दर्शन कर पाएंगे। (पढ़ें पूरी खबर)
22 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट:महाशिवरात्रि पर उखीमठ में तिथि घोषित, 2025 के मुकाबले 10 दिन पहले शुरू होगी यात्रा
