मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज बात एक ऐसे डबल मर्डर की जिसने राजधानी भोपाल को दहला दिया था। ये वारदात 18 जुलाई 2022 को हुई थी। एक 6 साल की मासूम बच्ची के सामने, बीच सड़क पर उसके माता-पिता पर तीन लोगों ने चाकुओं और डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। आसपास खड़े लोग असहाय होकर सिर्फ तमाशा देखते रहे। जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती, दो जिंदगियां खत्म हो चुकी थीं और पीछे रह गई थी एक बिलखती हुई बच्ची और रिश्तों की एक ऐसी उलझी हुई पहेली, जिसे सुलझाना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी। पहली नजर में यह मामला जितना सीधा लग रहा था, जांच की परतें खुलने पर यह उतना ही जटिल और चौंकाने वाला निकला। पढ़िए मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स का पहला पार्ट क्या हुआ था उस रात…?
18 जुलाई 2022, रात 8 बजे। भोपाल के घनी आबादी वाले अशोका गार्डन इलाके की सेमरा रोड पर रात के करीब आठ बज रहे थे। दिन भर की रिमझिम बारिश से सड़कें भीगी हुई थीं और स्ट्रीट लाइट की रोशनी में चमक रही थीं। इसी सड़क पर एक आदमी और एक महिला खून से लथपथ, बेजान से पड़े थे। उनके पास उनकी 6 साल की बेटी बैठी थी, जो सदमे और डर से चीख-चीख कर रो रही थी। उसके रोने की आवाज उस खौफनाक सन्नाटे को चीर रही थी। चारों तरफ लोगों की भारी भीड़ जमा थी। कुछ ही दूरी पर, भीड़ ने एक आदमी को पकड़ रखा था और उस पर घूंसों और लातों की बरसात कर रही थी। उस आदमी के हाथ में एक खून से सना चाकू था, जिससे अभी भी खून की बूंदें टपक रही थीं। उसके हाथ और कपड़े भी खून से सने हुए थे। अस्पताल पहुंचने से पहले दंपती की मौत
कुछ ही मिनटों में पुलिस की गाड़ी का सायरन गूंजा और पुलिस मौके पर पहुंच गई। भीड़ ने पकड़े गए हमलावर को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही दोनों ने दम तोड़ दिया। पुलिस उनसे कोई बयान नहीं ले सकी, जो इस केस की सबसे अहम कड़ी हो सकता था। पुलिस के सामने अब तीन चीजें थीं – दो लाशें, एक सहमी हुई बच्ची और एक कातिल जो खुद को मृत महिला का पति बता रहा था। बच्ची ने पुलिस को बताया कि मरने वाले उसके मम्मी-पापा हैं। मामला पहली नजर में सीधा लग रहा था: एक पति ने अपनी पत्नी और उसके प्रेमी को रंगे हाथों पकड़ा और गुस्से में आकर उनकी हत्या कर दी। पुलिस तीन सवालों का जवाब ढूंढ रही थी
कुछ सवाल थे जो इस सीधी-सादी कहानी पर प्रश्नचिह्न लगा रहे थे पुलिस को यह समझने में देर नहीं लगी कि यह सिर्फ सड़क पर हुआ एक साधारण अपराध नहीं है, बल्कि इसके पीछे सालों से सुलग रही नफरत, धोखा और रिश्तों की एक लंबी और उलझी हुई कहानी है, जिसकी जड़ें कई साल पीछे जाती हैं। फ्लैशबैक: रिश्तों का उलझा हुआ जाल
इस खूनी कहानी की पटकथा साल 2014 में विदिशा में लिखी गई थी। इस कहानी के तीन किरदार थे। पहली शादी और तलाक
विदिशा की रहने वाली रचना की शादी उसके परिवार वालों ने 2014 में वहीं के रहने वाले रमेश से करा दी। शादी के शुरुआती दिन तो ठीक-ठाक गुजरे, लेकिन जल्द ही दोनों के बीच अनबन और झगड़े शुरू हो गए। रोज-रोज के कलह से तंग आकर रचना ने यह रिश्ता खत्म करने का फैसला किया और पति को छोड़कर वापस अपने मायके आ गई। सुनील का आगमन और दूसरी शादी
पति से अलग होने के बाद रचना अपनी जिंदगी के सबसे बुरे दौर से गुजर रही थी। इसी दौरान, उसकी जिंदगी में सुनील मालवीय की एंट्री हुई। दोनों के बीच पहले सोशल मीडिया पर चैटिंग शुरू हुई, फिर फोन पर बातें होने लगीं। बातों का यह सिलसिला जल्द ही प्यार में बदल गया। सुनील ने एक दिन रचना को शादी के लिए प्रपोज कर दिया। पहली शादी टूटने के दर्द से गुजर रही रचना के लिए सुनील का साथ किसी मरहम की तरह था। उसने इस रिश्ते में अपनी खुशियों का भविष्य देखा और कुछ महीनों बाद दोनों ने लव मैरिज कर ली। अब रचना की जिंदगी पटरी पर लौट आई थी। वह अपनी पहली शादी से कहीं ज्यादा खुश थी। दोनों भोपाल में एक खुशहाल जिंदगी जी रहे थे। देखते ही देखते शादी के 7 साल बीत गए। कहानी में मोड़: रचना का अचानक गायब होना
जनवरी 2022 में इस खुशहाल परिवार को किसी की नजर लग गई। एक दिन, रचना अपने दोनों बच्चों को लेकर अचानक घर से गायब हो गई। सुनील ने उसे बहुत ढूंढा, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। रचना भोपाल में ही अपने भाई देवेंद्र के परिवार के पास चली गई थी। रचना को घर छोड़े 7 महीने बीत चुके थे। जुलाई में सुनील को किसी तरह पता चला कि रचना भोपाल में कहां रह रही है। इसी बीच उनके बेटे का जन्मदिन आया और सुनील इसी बहाने भोपाल पहुंच गया। लेकिन उसके दिमाग में बच्चों से मिलने के अलावा कुछ और ही चल रहा था। वह बदले की आग में जल रहा था। साजिश और कत्ल का वो दिन
भोपाल पहुंचने के बाद सुनील ने रचना की रैकी करनी शुरू कर दी। उसने पाया कि रचना किसी और व्यक्ति के साथ रह रही है। यह देखकर उसका शक यकीन में बदल गया और उसने रचना और उसके साथी को खत्म करने की खौफनाक साजिश रच डाली। इस साजिश में उसने अपने साले, यानी रचना के सगे भाई देवेंद्र मालवीय और अपने फुफेरे भाई रोहित मालवीय को भी शामिल कर लिया। 18 जुलाई की रात.. वारदात को अंजाम
उस रात, रचना अपने पार्टनर और 6 साल की बेटी के साथ बाइक पर कहीं जा रही थी। सुनील, देवेंद्र और रोहित दूसरी बाइक पर उनका पीछा कर रहे थे। उनके हाथों में एक तेजधार चाकू और फावड़े में लगने वाले दो मजबूत डंडे थे। सेमरा रोड पर कमल आटा चक्की के पास, एक स्पीड ब्रेकर पर जैसे ही रचना की बाइक धीमी हुई, तीनों ने अपनी बाइक से उतरकर उन पर धावा बोल दिया। उन्होंने दौड़कर बाइक को पकड़ने की कोशिश की। इस छीना-झपटी में बाइक का संतुलन बिगड़ गया और रचना, उसका पार्टनर और बच्ची, तीनों सड़क पर गिर गए। उनके गिरते ही सुनील ने अपनी कमर से चाकू निकाला और बच्ची को छोड़कर रचना और उसके पार्टनर पर अंधाधुंध वार करने शुरू कर दिए। वह तब तक वार करता रहा जब तक दोनों अधमरे नहीं हो गए। छत पर खड़े शख्स ने देखी वारदात
यह पूरी घटना पास के एक मकान की छत पर खड़े कमलेश लोधी नाम के व्यक्ति ने देखी। उसने शोर मचाया, जिसके बाद मोहल्ले के मदनसिंह और अन्य लोग भी अपने घरों से बाहर निकल आए। लोगों को आता देख, हमलावर वहां से भागने लगे। देवेंद्र और रोहित डंडे वहीं फेंककर अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहे। पुलिस की जांच और अनसुलझे सवाल
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद सुनील मालवीय ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसे शक था कि उसकी पत्नी रचना का किसी और के साथ अवैध संबंध है। जब उसने भोपाल आकर अपनी आंखों से यह देखा, तो उसने उसे और उसके प्रेमी को मारने का फैसला कर लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर फरार हुए उसके साले देवेंद्र और फुफेरे भाई रोहित की तलाश शुरू कर दी। यह मामला अब भोपाल की सबसे चर्चित आपराधिक घटनाओं में से एक बन चुका था। पुलिस ने हत्या की गुत्थी तो सुलझा ली थी, लेकिन कई सवाल अभी भी बाकी थे, जिनके जवाब मिलना बाकी थे क्राइम फाइल्स के पार्ट-2 में पढ़िए
सड़क पर दंपती की लाश पड़ी थी, भीड़ देखती रही:6 साल की मासूम के सामने चाकुओं से गोदकर हत्या, क्या थी मर्डर मिस्ट्री
