शनिवार शाम को डीएसपी संजय कुमार ने बताया कि गौरतलब है कि 30 जुलाई को सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में एडवोकेट विनोद बंसल ने बताया था कि वह 30 जुलाई को सुबह अपने चेंबर में मौजूद थे। तभी उसके मोबाइल पर एक कॉल आई और ट्रू कॉलर पर कॉलर का नाम प्रदीप लिखा आया था। उसने कॉल अटेंड की तो कॉल करने वाले ने उसे गंदी गलियां देते हुए धमकी दी कि 10 दिन के अंदर तुझे और तेरे परिवार को भी तेरे भाई की तरह ही गोलियां मार कर खत्म कर दिया जाएगा।
इसके बाद 11 बजकर 22 मिनट पर उसी नंबर से कॉल आई और फिर से गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी और अपना नाम प्रदीप गट्टा बताया और कहा कि तेरे भाई को भी उसने और बलजीत पोंकरीखेड़ी ने मारा था और अब तेरा और तेरे परिवार का नंबर है। इसके बाद एक बजकर 10 मिनट पर भी कॉल करके धमकी दी और इस बार कॉल करने वाले ने धमकी देते हुए कहा कि वह प्रदीप गट्टा का भाई बोल रहा है। विनोद बंसल ने बताया कि उसके दो भाइयों का पहले हत्या हो चुका है और बड़े भाई श्याम सुंदर बंसल के मामले में वह गवाह भी है और केस भी लड़ रहा है। प्रदीप गट्टा हत्या केस में मुख्य आरोपित है।
