यमुनानगर स्थित पश्चिमी यमुना नहर में पूजा सामग्री विसर्जित करने के दौरान डूबे दो सगे भाइयों में से एक का शव आखिरकार रविवार को बरामद हो गया है। शव हमीदा हेड से आगे एक पुल के पास मिला, जो घटनास्थल से करीब 16 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। 10 किमी. से ज्यादा क्षेत्र में चला था सर्च अभियान घटना के बाद से ही बुडिया थाना पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीमें लगातार नहर में सर्च ऑपरेशन चला रही थीं। अब तक करीब 10 किलोमीटर के दायरे में गहन तलाशी अभियान चलाया गया था। गोताखोर कई बार नहर की गहराई तक उतरे, लेकिन शुरुआती दिनों में कोई सफलता नहीं मिल पाई। गोताखोर अमर के अनुसार, इन दिनों नहर में पानी का बहाव सामान्य है, लेकिन मौसम की ठंडक के कारण पानी काफी ठंडा है। ऐसे में पानी में डूबे शव को सतह पर आने में चार से पांच दिन का समय लग सकता है। यही आशंका जताई जा रही थी, जो अब सही साबित हुई। 16 किलोमीटर दूर हमीदा हेड के पास मिला शव उदय का शव हमीदा हेड से आगे एक पुल के पास बरामद हुआ। पानी के बहाव के साथ शव करीब 16 किलोमीटर दूर पहुंच गया था। आसपास के लोगों ने रविवार को शव को पानी में बहता देखा और पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पानी से बाहर निकाला। मृतक की पहचान उदय के रूप में हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल यमुनानगर में भेज दिया। अब उदय के छोटे भाई आर्यन की तलाश जारी है। प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन को और आगे तक बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। नहर किनारे मिली थी बाइक और चप्पल दोनों भाइयों की पहचान भगवानगढ़ निवासी उदय (24) और आर्यन (18), पुत्र विनोद के रूप में हुई थी। परिजनों के अनुसार दोनों मंगलवार शाम पूजा सामग्री विसर्जित करने की बात कहकर घर से निकले थे। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। अगली सुबह बुडिया के पास नहर किनारे उनकी बाइक खड़ी मिली और पास ही चप्पल पड़ी हुई थी। इसके बाद नहर में डूबने की आशंका गहरा गई और पुलिस को सूचना दी गई। मां का रो-रोकर बुरा हाल, गांव में मातम उदय का शव मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां रेखा का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पिता और अन्य परिजन भी गहरे सदमे में हैं। बड़ा भाई उदय नाई की दुकान पर काम करता था और परिवार की जिम्मेदारी संभालने में हाथ बंटाता था, जबकि छोटा भाई आर्यन दिहाड़ी मजदूरी करता था। गांव भगवानगढ़ में मातम का माहौल है। परिजन अब भी नहर किनारे आर्यन की तलाश में प्रशासन के साथ खड़े हैं और जल्द से जल्द उसे खोज निकालने की उम्मीद लगाए हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा और नहर के आगे के क्षेत्रों में भी तलाशी अभियान तेज किया गया है।
नहर में डूबे भाइयों में से एक का शव बरामद:यमुनानगर में पूजा सामग्री विसर्जित करने गए थे, दूसरे की तलाश जारी
