पत्नी के लौटते ही बाइकसवार ने पति को गोली मारी:पुलिस शूटर तक पहुंची तो वह सिम कार्ड निगल गया, मर्डर मिस्ट्री का मास्टरमाइंड कौन

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मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में इस बार बात उज्जैन के 10 साल पुराने चर्चित टावर चौक हत्याकांड की। रोज की तरह एक महिला अपने पति को ऑफिस के पास छोड़कर बाजार की ओर चली गई। युवक पैदल ही अपने ऑफिस की तरफ जा रहा था। तभी बाइक पर सवार दो बदमाश आए और उन्होंने उसके सिर में गोली मार दी। गंभीर हालत में युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह चार दिन तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा। आखिरकार उसने दम तोड़ दिया। शहर के सबसे भीड़-भाड़ वाले इलाके में हुई इस वारदात से पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। पुलिस के पास हत्यारों का कोई सुराग नहीं था। उधर, युवक के परिजन थाने और आईजी ऑफिस के सामने प्रदर्शन कर कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे थे। आखिर क्या था पूरा मामला, बाइक पर आए हमलावर कौन थे, उनका मकसद क्या था और कैसे गुनहगार पकड़े गए? पढ़िए क्राइम फाइल्स पार्ट-1 में…
टावर चौक पर गोली की आवाज से दहशत 18 अगस्त 2015 की सुबह करीब 10:30 बजे का समय था। उज्जैन का दिल कहे जाने वाले टावर चौक पर रोज की तरह व्यापारी अपनी दुकानों की तैयारी कर रहे थे। तभी अचानक इलाके में अफरातफरी मच गई। लोगों का ध्यान टावर चौक स्थित बसावड़ा पेट्रोल पंप के पीछे वाली गली की ओर गया। अचानक गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद लोग घबरा गए और इधर-उधर भागने लगे। कुछ ही देर में लोगों ने देखा कि गली में एक युवक खून से लथपथ जमीन पर पड़ा हुआ है। जिस युवक को गोली लगी थी, उसकी पहचान शहर के उभरते कारोबारी मनीष मीणा के रूप में हुई। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था और जमीन पर तड़प रहा था। मनीष मीणा टाटा फाइनेंस कंपनी की फ्रेंचाइजी चलाता था। इसके साथ ही वह प्रॉपर्टी का कारोबार भी करता था। जिस गली में घटना हुई, उसी गली की एक बिल्डिंग के पहले फ्लोर पर उसका ऑफिस भी था। चार दिन बाद अस्पताल में दम ताेड़ दिया सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। 108 एम्बुलेंस से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया। बीच बाजार हुई इस वारदात ने पूरे शहर को दहला दिया। मुश्किल तब और बढ़ गई, जब चार दिन बाद मनीष ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पूरे शहर के व्यापारी वर्ग में आक्रोश पैदा हो गया। दो साल पहले ही हुआ था प्रेम विवाह 32 वर्षीय मनीष मीणा ने दो साल पहले ही मीनाक्षी से प्रेम विवाह किया था। फाइनेंस कंपनी की फ्रेंचाइजी और प्रॉपर्टी कारोबार के कारण कम उम्र में ही वह शहर में पहचान बनाने लगा था। उसने टावर चौक जैसे व्यस्त इलाके में अपना ऑफिस भी खोल लिया था। 18 अगस्त की सुबह वह रोज की तरह काम पर जाने के लिए घर से निकला। मीनाक्षी को भी बाजार जाना था। बेहद करीब से मनीष के सिर में गोली मारी सुबह करीब 10.30 बजे मीनाक्षी ने अपनी लाल स्कूटी से मनीष को ऑफिस से कुछ दूरी पर छोड़ा और बाजार की ओर निकल गई। मनीष पैदल अपने ऑफिस की तरफ बढ़ ही रहा था कि अचानक काली बाइक पर दो युवक आए। बिना कुछ कहे उन्होंने मनीष के पास बाइक रोकी। पीछे बैठे युवक ने बेहद करीब से उसके सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही मनीष धड़ाम से जमीन पर गिर पड़ा। दोनों हमलावर बाइक से फरार हो गए।

स्पताल पहुंचते ही वेंटिलेटर पर रखा गया सिर में गोली लगने के कारण मनीष की हालत बेहद गंभीर थी। सरकारी अस्पताल पहुंचते ही उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। बाद में उसे बेहतर इलाज के लिए सीएचएल हॉस्पिटल रेफर किया गया। चार दिन तक इलाज के बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ। चार दिन तक होश में नहीं आया था मनीष पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर बी.बी. पुरोहित के मुताबिक मनीष का पोस्टमार्टम दो डॉक्टरों के पैनल ने किया था। रिपोर्ट के अनुसार सिर में करीब एक सेंटीमीटर का छेद मिला, जो मस्तिष्क तक पहुंचा हुआ था। सिर के बाएं फ्रंटल हिस्से में 2.5 सेंटीमीटर का स्टिच किया हुआ घाव मिला। स्टिच हटाने पर हड्डी में फ्रैक्चर भी पाया गया। यह गोली का एग्जिट वाउंड था। यानी गोली सिर में एक तरफ से घुसी और दूसरी तरफ से निकल गई थी। मौत सिर और मस्तिष्क में गंभीर चोट तथा आंतरिक रक्तस्राव के कारण हुए कोमा से हुई। एसपी ने की 10 हजार के इनाम की घोषणा 18 अगस्त को गोली लगने और 22 अगस्त को मनीष की मौत के बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच पा रही थी। परिजन का गुस्सा बढ़ता जा रहा था। पत्नी मीनाक्षी और परिवार के लोग माधवनगर थाने के बाहर धरने पर बैठ गए और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। पुलिस पर चारों तरफ से दबाव बढ़ रहा था। ऐसे माहौल में तत्कालीन एसपी मनोहर सिंह वर्मा ने जनता से मदद की अपील की। दो युवकों ने बताया- हनीफ ने मारी थी गोली घटना के करीब 10 दिन बाद पुलिस को पहला सुराग मिला। गली में चाय पीने के बाद बाथरूम करने गए दो युवकों ने पुलिस को बताया कि गोली चलाने वाला युवक हनीफ था। जांच में सामने आया कि हनीफ पिता अनवर खान, खंदार मोहल्ला निवासी है और एक एनजीओ अरुणोदय सर्वेश्वरी लोक कल्याण समिति में काम करता है। पुलिस जब एनजीओ पहुंची तो हनीफ वहीं काम करता हुआ मिला।
साथी रिजवान चला रहा था बाइक थाने में पूछताछ के दौरान पहले तो हनीफ आरोपों से मुकरता रहा, लेकिन जब पुलिस ने चश्मदीदों का हवाला दिया तो वो टूट गया। उसने बताया कि घटना के समय बाइक उसका साथी रिजवान चला रहा था। अब पुलिस के हाथ दो मुख्य आरोपी लग चुके थे- हनीफ, जिसने गोली चलाई और रिजवान, जो बाइक चला रहा था। दिलशाद की बाइक, इंजमाम के घर मिला कट्टा सख्त पूछताछ में हनीफ ने बताया कि उसने देसी कट्टा कहां छिपाया है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने इंजमाम के घर से कट्टा बरामद किया। जांच में यह भी सामने आया कि घटना में इस्तेमाल की गई बाइक दिलशाद नाम के युवक की थी। हनीफ ने उसी से बाइक मांगी थी। गोली मारने के बाद हनीफ सबसे पहले बाइक लौटाने दिलशाद के पास गया और फिर रिजवान के साथ वहां से निकल गया। क्राइम फाइल्स के पार्ट 2 में पढ़िए इन सवालों के जवाब… हनीफ की मनीष से क्या थी दुश्मनी? क्या प्रॉपर्टी को लेकर कोई विवाद था या ये सुपारी किलर थे ? जिस एनजीओ में हनीफ काम करता था वहां से क्या हत्या का कोई कनेक्शन था ? हत्या के पीछे क्या मकसद था? क्या हत्या के षड्यंत्र में और भी कोई शामिल था? क्राइम फाइल्स की ये खबरें भी पढ़ें… 1. बाथरूम में युवती की लाश, बदन पर चाकू के जख्म, पार्ट-1 मध्यप्रदेश क्राइम फाइल्स में आज एक ऐसे मर्डर केस की कहानी, जिसने दो राज्यों में सुर्खियां बटोरी। मामला नरसिंहपुर जिले में एक युवती की संदिग्ध हालत में हुई मौत का था। इसने पुलिस को उलझन में डाल दिया था। पढ़ें पूरी खबर… 2. बड़ी बहन-प्रेमी ने छोटी की हत्या की, पार्ट-2 क्राइम फाइल्स पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि 22 फरवरी 2023 को नरसिंहपुर के साईंखेड़ा में शिखा की संदिग्ध मौत पूरे इलाके चर्चा का विषय बन गई। घटना के समय घर में शिखा के अलावा सिर्फ मां और बहन थीं। परिवार का कहना था कि बाथरूम में फिसलकर गिरने से शिखा की मौत हुई है। पढ़ें पूरी खबर…