बैंक मैनेजर का हत्यारोपी बोला- महिलाओं के सामने डांटता था:आर्मी में था, हुक्म बर्दाश्त नहीं; गाजियाबाद में छुट्‌टी न देने पर गोली मारी

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‘मैंने आर्मी में रहकर 21 साल देश की सेवा की। बॉर्डर पर तैनात रहा। बैंक में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था। छुट्टी मांगी तो छुट्टी के दिन भी कॉल करके मुझे डांटा। उम्र में 14 साल छोटा बैंक मैनेजर तू-तड़ाक से बोलता था। महिला कर्मचारी के सामने भी मुझे तेज आवाज में बुलाता था। ये बर्दाश्त नहीं हुआ। इसलिए हत्या कर दी।’ गाजियाबाद में पंजाब एंड सिंध बैंक के मैनेजर अभिषेक शर्मा की हत्या करने वाले रविंद्र हुड्‌डा (48) ने पुलिस पूछताछ में ये बातें बताईं। बागपत का रहने वाला रविंद्र जाट बिरादरी से है। 2018 में सेना से वीआरएस लिया था। पढ़िए गार्ड ने क्या कुछ बताया… पहले पूरा घटनाक्रम जानिए…मैनेजर के सीने में मारी गोली गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में बलराम नगर में पंजाब एंड सिंध बैंक है। यहां बिहार के पटना के लखीपुर निवासी अभिषेक शर्मा (34 साल) बैंक के मैनेजर थे। अगस्त 2025 से वह इस शाखा में तैनात थे। सोमवार को करीब 1.45 बजे बैंक के गार्ड रविंद्र हुड्‌डा ने लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक से मैनेजर के सीने में गोली मार दी। गोली की आवाज सुन बैंक में अफरा-तफरी मच गई। खून से लथपथ मैनेजर अभिषेक को बैंक कर्मचारी जीटीबी दिल्ली ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सीसीटीवी में आरोपी का बंदूक लिए बैंक से निकलते हुए वीडियो सामने आया है। पुलिस ने गार्ड रविंद्र और उसके नौकर शीशपाल को अरेस्ट कर लिया। बंदूक बरामद कर ली। गार्ड ने कहा- मैनेजर ने मुझे कॉल करके धमकाया पुलिस जांच और बैंक के कर्मचारियों से पूछताछ में सामने आया है कि सोमवार को 9 बजकर 58 मिनट पर बैंक खोला गया, लेकिन उस समय तक गार्ड नहीं आया। मैनेजर अभिषेक शर्मा ठीक 10 बजे बैंक पहुंचे और अपने केबिन में काम करने लगे। 10 बजकर 10 मिनट पर बैंक मैनेजर ने गार्ड रविंद्र हुड्‌डा को कॉल की, लेकिन फोन नहीं उठा। एक मिनट बाद यानी 10 बजकर 10 मिनट पर दूसरी कॉल की। पैसा बढ़ाने की बात सिक्योरिटी कंपनी में करिए
हत्यारोपी गार्ड रविंद्र ने पूछताछ में बताया- बैंक मैनेजर ने मुझे कॉल करके कहा- बैंक नहीं आया क्या? मैंने कहा, साहब शनिवार को मैं बताकर गया था कि सोमवार को मुझे छुट्‌टी चाहिए। इस पर मुझसे कहा कि पूरे महीने में 20 दिन छुट्‌टी चाहिए। महीने में जितने दिन भी बैंक खुलेगा, उतने दिन आना होगा। मुझसे छुट्‌टी से कोई मतलब नहीं। बैंक मैनेजर मुझे तेज आवाज में तू तड़ाक से बोलने लगे। कहा- काम नहीं करना तो मना कर दीजिए, लेकिन यह हरकत रोज-रोज बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस पर मैंने कहा- साहब मेरी सैलरी भी कम है, मैं बागपत से रोज आता हूं। इसके बाद बैंक मैनेजर ने कहा कि बैंक आइए और यहां ड्यूटी करिए। पैसे बढ़ाने की बात अपनी सिक्योरिटी कंपनी में करिए। ‘मैं सारे दिन हुक्म नहीं सुन सकता था’
रविंद्र ने कहा- मेरी उम्र 48 साल है। 2018 में मैं आर्मी से पेंशन पर आया। 21 साल मैंने देश की सेवा की है। मुझे कभी गार्ड साहब नहीं बोला जाता था। कहा जाता था कि ए.. रविंदर जरा इधर सुन। मैं गार्ड था तो सुरक्षा संभालता था। मैंने फरवरी के आखिरी सप्ताह में कहा कि साहब 17 हजार रुपए मेरे कम हैं, मेरे कुछ पैसे बढ़वा दो। इस पर मैनेजर ने कहा था कि सिक्योरिटी कंपनी में बात करना। हम थोड़ी सैलरी बढ़ाएंगे। …आज इसकी धमकी निकाल दी जाएगी
रविंद्र ने पुलिस को बताया कि सोमवार को मुझे कॉल करके जो फटकार लगाई और कहा कि बैंक आकर ड्यूटी कर, यहीं से मेरा मूड बदल गया। मैंने अपने नौकर शीशपाल को साथ लिया और कहा कि बैंक में काम से चलना है। छुट्‌टी मांगी तो दी नहीं, ऊपर से बैंक मैनेजर धमका रहा है, आज इसकी धमकी निकाल दी जाएगी। हाफ पैंट, टी-शर्ट में बैंक पहुंचा गार्ड
बैंक कर्मचारियों ने बताया कि सोमवार दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर गार्ड बैंक की शाखा में दाखिल हुआ। वह हाफ पैंट और टी-शर्ट पहने हुए था। बैंक पहुंचते ही मैनेजर ने कहा कि ड्रेस कहां है, यह क्या तरीका है बैंक आने का? फिर कुछ मिनट तक बहस हुई। रविंद्र हुड्‌डा ने कहा- मैं ऊंची आवाज नहीं सुन सकता। मैंनेजर ने कहा कि ठीक है बाहर जाइए। इस पर गार्ड ने बैंक में रखी अपनी लाइसेंसी बंदूक उठाई और कहासुनी के बीच सीधे मैनेजर के सीने में गोली मार दी। मैनेजर गोली लगते ही खून से लथपथ हालत में चेयर पर गिर गए। उस समय गार्ड रविंद्र हुड्‌डा का साथी शीशपाल गेट पर खड़ा था। पुलिस ने अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर अपने कब्जे में ले ली। 12 बजकर 55 मिनट पर गार्ड बाहर निकला। शराब पीने का आदी है गार्ड
बैंक के कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि गार्ड रविंद्र शराब पीने का आदी था। कई बार वह सुबह के समय लेट आता। छुट्‌टी भी ज्यादा लेता था। बैंक में एक ही गार्ड था। जिस दिन नहीं आता, तो बैंक मैनेजर कॉल करते थे। एक कर्मचारी ने बताया कि मैनेजर का व्यवहार हम सभी कर्मचारियों के प्रति ठीक रहता था, लेकिन गार्ड गलत समझता था। छुट्‌टी और सैलरी को लेकर ही गार्ड ने हत्या की है। गार्ड रविंद्र अपने गांव में खेती करता था, इससे पहले एक सिक्योरिटी कंपनी में बागपत में भी नौकरी कर चुका है। दिन में भी कई बार शराब पीकर गांव में घूमता था। गांव में रविंद्र का दो मंजिला आलीशान घर है, आर्मी से पेंशन आती है। कई बार वह कहता था कि शराब हमें मिलती है, तो पीते हैं। गांव में भी कई बार शराब पीकर झगड़ा कर चुका है। पता नहीं था कि मैनेजर पर फायर कर देगा
घटना की जानकारी होने पर साहिबाबाद शाखा के मैनेजर दिनेश भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि बैंक मैनेजर अभिषेक शर्मा ने गार्ड को कॉल करके यह कहा था कि बैंक क्यों नहीं आए। इसके आगे की जानकारी नहीं है। बैंक में कैश काउंटर पर कैशियर ने पुलिस को बताया कि हमें बिल्कुल भी संदेह नहीं था कि यह गोली चला देगा। मैंनेजर से कहासुनी हुई तो बैंक के अंदर से बंदूक लाया और फायर कर दिया। जिसे बैंक की सुरक्षा के लिए रखा गया, वही कातिल बन गया। ——————— ये खबर भी पढ़ें… गाजियाबाद में छुट्‌टी नहीं देने पर बैंक मैनेजर की हत्या:ऑफिस के अंदर गार्ड ने सीने में गोली मारी, राइफल लेकर भागा गाजियाबाद में पंजाब एंड सिंध बैंक के मैनेजर अभिषेक शर्मा (34 साल) की गार्ड ने गोली मारकर हत्या कर दी। वह बिहार के रहने वाले थे। गार्ड रवींद्र कई दिनों से मैनेजर अभिषेक से छुट्‌टी मांग रहा था। सोमवार दोपहर करीब 1:45 बजे वह मैनेजर के पास पहुंचा। जहां छुट्‌टी को लेकर अभिषेक शर्मा से उसका विवाद हो गया। इसी बीच रवींद्र ने बंदूक से उनकी छाती पर गोली मार दी। अभिषेक लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गए। पढ़ें पूरी खबर