हिंदी विभाग की प्रमुख प्रो. रीता ने छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि शिक्षक सिर्फ किताबें नहीं पढ़ाते, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु वह दीपक हैं, जो स्वयं जलकर दूसरों के जीवन को प्रकाशमय कर देते हैं। अगर ज्ञान सफलता की कुंजी है, तो शिक्षक उस ताले का कारीगर है। वहीं छात्रों ने कहा कि विद्या का सबसे बड़ा मंदिर शिक्षक का हृदय है। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को प्रेरणा दी व मार्गदर्शन दिया।
इस कार्यक्रम में कविता, मुस्कान ,पूजा राणा, पूजा कुमारी, रोहित शर्मा, शुभम भारती व अन्य छात्र-छात्राओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया और इस कार्यक्रम को ऑनलाइन माध्यम से सफल बनाया।
