बाबूलाल कटारा की ओर से जमानत याचिका में कहा गया कि उसके खिलाफ पेपर लीक को लेकर उदयपुर के बेकरिया थाने में मामला दर्ज कराया गया था। वह 18 अप्रैल, 2023 से जेल में बंद है, जबकि आधा दर्जन सह आरोपितों को सुप्रीम कोर्ट से और दो आरोपितों को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। मामले में उसके खिलाफ पेश आरोप पत्र में ट्रायल भी शुरू नहीं हुई है। जिसकी सुनवाई पूरी होने में लंबा समय लगेगा। ऐसे में उसे जमानत पर रिहा किया जाए। जिसका विरोध करते हुए सरकारी वकील मानवेन्द्र सिंह ने कहा कि आरोपी ने आरपीएससी का सदस्य होते हुए परीक्षा की सामान्य ज्ञान का प्रश्न पत्र मुख्य आरोपी शेर सिंह को साठ लाख रुपये में दिया था। जांच में आया है कि आरोपित ने अपने सरकारी निवास पर प्रश्न पत्र उपलब्ध कराया था। आरोपित के कब्जे से 51.20 लाख रुपये और 541 ग्राम सोने के जेवरात भी बरामद हुए हैं। आरोपित ने आरपीएससी का सदस्य होते हुए व्यक्तिगत लाभ के लिए प्रश्न पत्र लीक किया है। ऐसे में उसे जमानत नहीं दी जाए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
शिक्षक भर्ती पेपर लीक प्रकरण में कटारा को जमानत नहीं
