मंगलवार को टाटा स्टील की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि संयुक्त आशय पत्र में सभी पक्षों के उद्देश्यों को रेखांकित किया गया है, हालांकि यह किसी प्रकार की परियोजना क्रियान्वयन या वित्तीय सहायता पर बाध्यकारी नहीं है। सभी पक्ष सहमत हुए हैं कि वे विशेष रूप से तैयार किए गए समझौते तक पहुंचने के लिए सद्भावनापूर्ण वार्ता जारी रखेंगे। टाटा स्टील बोर्ड ही अंतिम निवेश निर्णय लेगा।
टाटा स्टील के सीईओ एवं एमडी टीवी नरेंद्रन ने कहा कि यह पहल टाटा स्टील नीदरलैंड को एक सतत और दीर्घकालिक भविष्य की दिशा में अग्रसर करने का मजबूत कदम है। उन्होंने कहा कि परियोजना के तहत इंजीनियरिंग तैयारियों, नियामक पहलुओं, पर्यावरणीय अनुमति और वित्तीय संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
परियोजना के पहले चरण में ब्लास्ट फर्नेस-7 और कोक एवं गैस प्लांट-2 को बंद कर, एक नया डायरेक्ट रिडक्शन प्लांट (डीआरपी) और इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस ( ईएफ) स्थापित किया जाएगा, जिससे सीओटू उत्सर्जन में लगभग 5.4 एमटीए की कमी आएगी। भविष्य में हाइड्रोजन या बायोमीथेन के उपयोग से उत्सर्जन में और कमी लाने की योजना है।
