मान सरकार की लापरवाही ने बाढ़ को मानव निर्मित त्रासदी में बदल दियाः चुग

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भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग ने सोमवार को एक बयान में कहा कि 2022 से 2025 तक आआपा सरकार ने खनन से 20,000 करोड़ की आय का दावा किया, लेकिन खजाने में पहुंचे मात्र 288 करोड़। उन्होंने पूछा कि बाकी 19,622 करोड़ कहां गए?

आईएमडी रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस बार बारिश सिर्फ 24 प्रतिशत ज़्यादा हुई थी। इसके बावजूद 2100 गांव क्यों डूबे? असली कारण था- जनवरी से मई तक बाढ़-रोधी मीटिंग न करना और 2800 किलोमीटर बांधों के टेंडर पर कोई काम न होना। यह सब खनन माफिया के दबाव में हुआ।

उन्होंने बताया कि गांवों के सरपंच लगातार लिखते रहे कि अवैध खनन से बांध टूट रहे हैं। यहां तक कि जब ग्रामीणों ने सड़क पर धरना दिया तो उन पर हमला कर उन्हें डराया गया। चुग ने कहा- “जो रक्षक थे बांधों के, वही भक्षक बन गए।”

चुग ने एनडीआरएफ, आर्मी, गुरुद्वारों, मंदिरों और स्वयंसेवकों की सराहना की जिन्होंने राहत कार्यों में कोई कमी नहीं छोड़ी। उन्होंने मांग की कि धुस्सी बांधों की पूरी मरम्मत हो, मनरेगा से बांध मजबूत किए जाएं, पारदर्शी खनन नीति बने और वैज्ञानिकों की एक टास्क फोर्स बनाई जाए।

चुग ने मांग की कि दोषी अफसरों और नेताओं पर एफआईआर दर्ज हो, सीबीआई जांच हो और प्रभावित परिवारों के लिए कम से कम 100 करोड़ रुपये की पुनर्वास निधि दी जाए।

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