तमिलनाडु के कृषि मंत्री एमआरके पन्नीरसेल्वम ने कहा कि उत्तर भारत से आए लोग सिर्फ हिंदी जानते हैं, इसलिए उन्हें अच्छी नौकरियां नहीं मिलतीं। वे तमिलनाडु आकर टेबल साफ करने, मजदूरी करने या पानी पूरी बेचने जैसे काम करते हैं। पन्नीरसेल्वम ने बुधवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की दो-भाषा नीति (तमिल और अंग्रेजी) की वजह से हमारे बच्चे अमेरिका, लंदन जैसी जगहों पर जाकर करोड़ों कमा रहे हैं। बीजेपी और दूसरी विपक्षी पार्टी DMK नेता के इस बयान का विरोध कर रहे है। तमिलनाडु बीजेपी ने सोशल मीडिया X पर पन्नीरसेल्वम की वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि यह केवल एक व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं है, बल्कि एक पैटर्न बन चुका है। भाजपा ने कहा- DMK के कई नेता प्रवासी मजदूरों का, विशेषकर उत्तर भारतीय या हिंदी बोलने वालों का बार-बार मजाक उड़ा चुके हैं। ऐसे में जब तमिलनाडु में प्रवासी मजदूरों के खिलाफ हिंसा बढ़ रही है, इस तरह के बयान गैर-जिम्मेदाराना और खतरनाक हैं। बयान पर नेताओं की प्रतिक्रिया… भाषा विवाद पर DMK नेताओं के पिछले 2 बयान… 24 जनवरी: स्टालिन बोले- तमिलनाडु में हिंदी के लिए कोई जगह नहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और DMK अध्यक्ष एम के स्टालिन ने तमिल भाषा शहीद दिवस पर ये बात कही थी। उन्होंने कहा था कि मैं उन शहीदों को कृतज्ञतापूर्वक सम्मान देता हूं जिन्होंने तमिल के लिए अपनी कीमती जान दे दी। भाषा युद्ध में अब और कोई जान नहीं जाएगी। पूरी खबर पढ़ें… 14 जनवरी: DMK सांसद बोले- नार्थ में महिलाओं को बच्चा करने कहा जाता DMK सांसद दयानिधि मारन ने चेन्नई में कहा था कि उत्तर भारतीय राज्यों में लड़कियों से कहा जाता है कि वे नौकरी नहीं करें, घर में रहें और बच्चे पैदा करें। मारन ने कहा था कि तमिलनाडु में लड़कियों की शिक्षा और सशक्तिकरण पर ध्यान दिया जाता है। हम लड़कियों को पढ़ाई करने के लिए कहते हैं। उन्हें लैपटॉप देते है, जिसका इस्तेमाल वे पढ़ाई करने और इंटरव्यू देने के लिए कर रही हैं। पूरी खबर पढ़ें… भाषा को लेकर केंद्र से लंबे समय से चल रहा विवाद तमिलनाडु की स्टालिन सरकार और केंद्र के बीच लंबे समय से राज्य में हिंदी भाषा के इस्तेमाल को लेकर तकरार चल रही है। पिछले साल मार्च में CM स्टालिन ने स्टेट बजट 2025-26 के सिंबल से रुपए का सिंबल ‘₹’ हटाकर तमिल अक्षर ‘ரூ’ (तमिल भाषा में रुपए को दर्शाने वाले ‘रुबाई’ का पहला अक्षर) लगा दिया था। CM स्टालिन केंद्र सरकार की 3 भाषा फार्मूले (Three Language Policy) का विरोध करते रहे हैं। उन्होंने कई बार भाजपा पर राज्य के लोगों पर हिंदी थोपने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा था कि राज्य की दो-भाषा नीति (तमिल और अंग्रेजी) से शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार को फायदा हुआ हुआ है। ————— ये खबर भी पढ़ें… तमिलनाडु CM बोले- हिंदी ने 25 भाषाओं को खत्म किया:यूपी-बिहार कभी हिंदी क्षेत्र नहीं थे; हिंदी मुखौटा और संस्कृत छुपा हुआ चेहरा तमिलनाडु के CM एमके स्टालिन ने कहा कि जबरन हिंदी थोपने से 100 सालों में 25 नॉर्थ इंडियन भाषाएं खत्म हो गई। उन्होंने X पर पोस्ट करते लिखा- एक अखंड हिंदी पहचान की कोशिश प्राचीन भाषाओं को खत्म कर रही है। उत्तर प्रदेश और बिहार कभी भी हिंदी क्षेत्र नहीं थे। अब उनकी असली भाषाएं अतीत की निशानी बन गई है। पूरी खबर पढ़ें…
तमिलनाडु के मिनिस्टर बोले-उत्तर भारतीय यहां पानीपुरी बेचते हैं:उन्हें सिर्फ हिंदी आती है; हमारे बच्चे तमिल-अंग्रेजी जानते हैं, विदेश में करोड़ों कमा रहे
