कल की बात तो कल ही खत्म हो गई, आज सिलेंडर चाहिए तो 4 हजार रुपए में मिलेगा। कल लोगे तो 5 हजार का हो जाएगा। ये कहते हुए नवदीप सिंह बग्गा केलकुलेटर उठाते हैं और हिसाब लगाकर कहते हैं, ‘आपको 4 सिलेंडर चाहिए तो 4-4 हजार के हिसाब से 16 हजार रुपए हुए। इसके अलावा आपके पास भारत गैस के दो ही खाली सिलेंडर हैं, इसलिए 2500-2500 के हिसाब से 5 हजार अलग जमा कराने होंगे, कुल 21 हजार जमा करा दीजिए आपकाे सिलेंडर मिल जाएंगे।’ नवदीप सिंह बग्गा भोपाल के बरखेड़ा पठानी में भारत गैस की एजेंसी चलाते हैं और इस समय कमर्शियल सिलेंडर की जमकर कालाबाजारी कर रहे हैं। सरकार ने कालाबाजारी रोकने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम को लागू किया है लेकिन कालाबाजारियों पर इसका असर नहीं पड़ा है। इस खेल में एक प्राइवेट गैस एजेंसी संचालक, कर्मचारी और दलाल भी शामिल हैं। इसके अलावा गैस की अवैध रिफिलिंग करने वाले भी मौके का फायदा उठा रहे हैं। दरअसल, ईरान-इजराइल जंग के चलते पिछले दो दिनों से कमर्शियल गैस की सप्लाई आधिकारिक तौर पर बंद है, लेकिन गैस एजेंसी संचालकों ने अब इस मजबूरी को अपनी कमाई का जरिया बना लिया है। भास्कर की टीम ने अलग-अलग गैस एजेंसी संचालकों को कमर्शियल गैस सिलेंडर की डील करते हुए अपने खुफिया कैमरे में कैद किया। सभी ने एक सुर से कहा,’अभी तो कमाने का मौका मिला है।’ पढ़िए रिपोर्ट… भास्कर टीम ने ऐसे किया इन्वेस्टिगेशन भास्कर रिपोर्टर ने सबसे पहले विनीत गैस एजेंसी के कर्मचारी मयूर गुप्ता से संपर्क किया। मंगलवार रात यानी 10 मार्च को जब मयूर गुप्ता से कमर्शियल सिलेंडर का रेट पूछा था तो उसने बताया कि 3 हजार रुपए प्रति सिलेंडर में डिलीवरी करेगा। साथ ही उसने दूसरे दिन यानी 11 मार्च को अवधपुरी ग्राउंड पर आने के लिए कहा। भास्कर रिपोर्टर ने उससे सुबह 9 बजे बात की तो उसने 12 बजे आने के लिए कहा, लेकिन ये भी कहा कि अब सिलेंडर 3300 रुपए में मिलेगा। खाली सिलेंडर आपको लाना पड़ेगा। भास्कर की टीम अवधपुरी ग्राउंड पर विनीत गैस एजेंसी के गोदाम पर पहुंची। यहां एजेंसी की दो गाड़ियां खड़ी थीं और कर्मचारी सिलेंडर की सप्लाई कर रहे थे। कर्मचारियों से बात की तो उन्होंने बताया कि कुछ देर पहले तक सिलेंडर का रेट 3600 रुपए था अब मालिकों ने कहा है कि ये 4 हजार रुपए से कम में नहीं देना। कर्मचारियों की बात सुनकर भास्कर की टीम ने एजेंसी संचालकों से ही मिलने का फैसला किया। भास्कर टीम ने 4 सिलेंडर की डील की कर्मचारियों से बात करने के बाद भास्कर की टीम विनीत गैस एजेंसी के विजय मार्केट स्थित आफिस पहुंची, यहां एजेंसी संचालक पीएस बग्गा और उनके बेटे नवदीप सिंह बग्गा बैठे हुए थे। भास्कर की टीम ने इनसे चार सिलेंडर की डील की। रिपोर्टर: कल हमने आपके कर्मचारी मयूर गुप्ता से बात की थी, तो उन्होंने बताया था कि 3000 में सिलेंडर ले जाना। जब सुबह बात हुई तो 3300 रुपए का रेट बताया। हम लोग जब सिलेंडर लेकर पहुंचे तो वहां बैठे कर्मचारी बोल रहे हैं कि 4000 रुपए से कम का नहीं देंगे… आखिर असली रेट कौन सा है? पीएस बग्गा (पिता) : कब गए थे आप?
रिपोर्टर: अभी वहीं से आ रहे हैं, कुछ देर पहले ही 3600 में दिया था, अब बोल रहे हैं कि मालिक ने कहा है कि 4 हजार में देना।
पीएस बग्गा: मैं अभी वहीं से आ रहा हूं, मैंने ही कहा है कि 4000 रुपए से कम मत देना। रिपोर्टर: अच्छा आपने ही मना किया है, लेकिन हमारी तो कल ही बात हो गई थी।
पीएस बग्गा: कल के मुर्दे कल ही दफना दिए जाते हैं। मैं अभी गोदाम ही गया था, कहकर आया हूं, 4000 से कम मत देना। रिपोर्टर: लेकिन कुछ बात की बात तो रखें…।
नवदीप सिंह बग्गा: रेट तो यही हैं, आपके पास कौन से सिलेंडर हैं। रिपोर्टर: हमारे पास भारत के ही है, लेकिन दो ही है।
पीएस बग्गा: फिर आप खाली सिलेंडर के 2500-2500 रुपए जमा करा दीजिए। रिपोर्टर: 4 सिलेंडर के 4-4 हजार और …।
नवदीप सिंह बग्गा: (केलकुलेटर पर हिसाब लगाकर) आप 21 हजार रुपए जमा करा दीजिए। विनीत गैस एजेंसी से डील करने के बाद भास्कर की टीम पहुंची सक्षम द्विवेदी के पास। जो कि प्राइवेट गैस एजेंसी, गैस पॉइंट के सप्लायर है। 10 मार्च को जब सक्षम से बात हुई थी तब उन्होंने सिलेंडर 3200 रुपए में देने की बात की और दूसरे दिन यानी 11 मार्च को संपर्क करने के लिए कहा। रिपोर्टर ने जब संपर्क किया तो सक्षम ने कहा कि सिलेंडर तो नहीं है। रिपोर्टर ने कहा कि हम 3300 रुपए देने को तैयार है तो द्विवेदी ने कहा- आईएसबीटी आ जाओ। यहां पहुंचने के बाद द्विवेदी से गैस सिलेंडर को लेकर डील हुई… रिपोर्टर: आपसे गैस सिलेंडर के लिए बात हुई थी?
सक्षम: अभी मेरे पास सिलेंडर ही नहीं है, आपकी दुकान है , क्या है? रिपोर्टर: बात तो हुई थी हमारे यहां शादी है, हलवाई इंतजार कर रहा है।
सक्षम: भाई, मैं अपने रेगुलर कस्टमर को दूंगा या आपको…। रिपोर्टर: दुकान वालों को 1900 में मिल ही रही है, बाकी को तो आप 3200 में दे रहे हो।
सक्षम: क्या बात कर रहे हो,1900 में कोई भी नहीं देगा…अभी इस दुकानदार को दिया है, यह बिल देख लो दो सिलेंडर के 6700 रुपए लिए हैं। रिपोर्टर: इन सिलेंडर की सप्लाई पर तो रोक लग गई है न…।
सक्षम: हमारी तो प्राइवेट कंपनी है, इंदौर से सप्लाई आती है, हमारी सप्लाई क्यों रुकेगी? अभी आपको सब जगह हमारे ही सिलेंडर दिख रहे होंगे, अभी तो हमें कमाने का मौका मिला है। गैस एजेंसियों के अलावा दलाल भी एक्टिव हो गए हैं। भास्कर की टीम को ऐसे ही एक अर्पित साहू के बारे में पता चला। साहू पिपलानी से लेकर जिंसी तक के एरिया में सक्रिय है। साहू ने दावा किया कि इस पूरे एरिया में जितनी भी गैस एजेंसी हैं वो सभी उसके संपर्क में हैं और वो कहीं से भी सिलेंडर दिला सकता है…. रिपोर्टर: मैं बहुत देर से आपका इंतजार कर रहा था।
अर्पित साहू: भारत गैस का सिलेंडर है। रिपोर्टर: भारत गैस का ही सिलेंडर गाड़ी में खाली पड़ा है।
अर्पित साहू: पांच मिनट रुक जाओ तो ला देता हूं। रिपोर्टर: कितने का दोगे?
अर्पित साहू: 3500 रुपए से कम का नहीं पड़ेगा, 4000 रुपए का बेच रहा हूं। रिपोर्टर: कम कर लो कुछ।
अर्पित साहू: रोजी पर खड़ा हूं इससे कम नहीं होगा। रिपोर्टर: ठीक है।
अर्पित साहू: आपने शादी का कहा तो मैंने जुगाड़ करके ला दिया। रिपोर्टर: अपनी गाड़ी कहां खड़ी होती है…आप दूसरे किसी से लाकर दोगे क्या?
अर्पित साहू: नहीं अपनी गाड़ी खड़ी नहीं होती है, आपको चाहिए तो लाकर दे देंगे। रिपोर्टर: यदि दूसरे से ला रहे हो तो रेट टू रेट दे दो, भले ही आप 200 रुपए मुझसे ले लेना।
अर्पित साहू: एजेंसियों पर सिलेंडर नहीं है, हम किसी अनजान को सिलेंडर दे भी नहीं रहे हें, आपने शादी का कहा इसलिए मैंने हां बोला… रिपोर्टर: आज यदि एक ले जाए तो कल आप ज्यादा करवा दोगे?
अर्पित साहू: पहले मैं गैस का ही काम करता था, पूरे शहर के डीलर्स संपर्क में हैं। फोन लगा लेना, होगा तो करवा दूंगा। रिपोर्टर: चलो तो फिर साथ चलते हैं, जहां से आप दिलाओगे।
अर्पित साहू: आपके सामने सिलेंडर ही नहीं देगा। रिपोर्टर: ठीक है मैं दूर खड़ा रहूंगा।
अर्पित साहू: अभी भी आप दूर ही खड़े हो, यहीं खड़े रहो 10 मिनट में लाकर दे दूंगा। कालाबाजारी रोकने सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया
इधर, केंद्र सरकार ने गैस समेत जरूरी चीजों की जमाखोरी रोक ने लिए देशभर में ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ लागू कर दिया है। अब गैस को 4 कैटेगरी में बांटा जाएगा…. ये खबरें भी पढ़ें… 1. इंदौर में चाय-पोहे की दुकानें बंद होने के कगार पर तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी पर फिलहाल रोक लगा दी है। इसका सीधा असर इंदौर में रोजाना सप्लाई होने वाले 3000 से 3200 कमर्शियल सिलेंडरों पर पड़ेगा। इससे करीब 8 हजार से ज्यादा होटल, रेस्टारेंट, केटरर्स और छोटे कारोबारियों की बुकिंग प्रभावित होगी। पढ़ें पूरी खबर… 2. कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं, भट्टी जलाने पर 10 हजार रुपए जुर्माना अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से हॉर्मुज जलमार्ग के रास्ते गैस सप्लाई ठप हो गई है। इसका असर अब मध्यप्रदेश के सभी शहरों पर पड़ने लगा है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित सभी शहरों में कमर्शियल सिलेंडर पर निर्भर व्यवसाय वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पढ़ें पूरी खबर…
21 हजार रुपए दो, चार कर्मिशयल सिलेंडर ले जाओ:गैस एजेंसी संचालक बोला- मैंने ही कर्मचारियों को कहा कि 4000 से कम में नहीं बेचना
