विधायक सुरेश कुमार ने बुधवार को हमीरपुर मे हुई इस घटना के प्रति अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि विकास चर्चा बैठक का उदेश्य ही कार्यकर्ताओं की नाराजगी को जानना और उसका सदभावना से निवारण करना है। लेकिन इस मामले मे कार्यकर्ताओं मे आखिर किस कारण हाथापाई की नौबत आई इसकी जांच की जाएगी, जो भी कार्यकर्ता दोषी होगा उसके खिलाफ अनुसासनहिंता के तहत कार्रवाई अमल मे लाई जायेगी।
सुरेश ने कहा कि यह स्वाभाविक है कि हर व्यक्ति को कोई भी सरकार संतुष्ट नहीं कर सकती है फिर भी सरकारों का प्रयास रहता है, कि हर व्यक्ति की बात को सुन कर उसे संतुष्ट किया जाए। इसी उद्देश्य को लेकर विकास चर्चा प्रभारियों की नियुक्ति की गई है। ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि इस घटना के तथ्यों का पता लगाया जाए।
विधायक सुरेश कुमार ने कहा कि काँग्रेस पार्टी एक लोकतांत्रिक पार्टी है और इसमें सभी को अपनी बात रखने का अधिकार हैं। लेकिन भाजपा जैसी तानाशाही पार्टियों में ये संम्भव नहीं है। वहां पर कोई अपनी बात या राय नही रख सकता है। इसलिए भाजपा को ऐसी बातो को उछालने का कोई अधिकार नहीं है।
