एनकोर्ड की बैठक में अफीम की अवैध खेती पर उपायुक्‍त ने दिया सख्ती का निर्देश

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बैठक में अपर उपायुक्त, तीनों अनुमंडल पदाधिकारी, सामान्य शाखा प्रभारी उपसमाहर्ता, सदर एसडीपीओ, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक की शुरुआत में पिछली बैठक की कार्रवाई पर हुई प्रगति की समीक्षा की गई। इसके बाद जिले में मादक पदार्थों की अवैध खेती के लिए उपयोग की जा रही भूमि वन क्षेत्र, रैयती और गैर-मजरूआ भूमि की पहचान एवं उन पर की गई कार्रवाई की बिंदुवार समीक्षा की गई।

उपायुक्त चंदन कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में अवैध मादक पदार्थों का भक्षण, उत्पादन, भंडारण और परिवहन पूरी तरह रोका जाए। उन्होंने कहा कि जिले को नशामुक्त बनाने के लिए प्रशासन की सख्त नीति जारी रहेगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने प्री-कल्टीवेशन अभियान के तहत ग्रामीणों को जागरूक करने, वैकल्पिक आजीविका के रूप में खेती-बाड़ी, बागवानी और पौधारोपण को बढ़ावा देने पर बल दिया। उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को विगत वर्ष की अवैध अफीम खेती के नष्ट करने की जांच कर जियो-टैग्ड फोटो रिपोर्ट के साथ रिपोर्ट उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया। साथ ही, पिछले वर्ष दर्ज मामलों के शीघ्र निष्पादन के आदेश दिया।

बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने कहा कि ड्रोन की सहायता से पहले से चिन्हित और नए स्थलों पर अफीम की अवैध खेती पर निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी फसलों को प्रारंभिक अवस्था में ही नष्ट कर दिया जाए ताकि उनकी पुनर्वृद्धि न हो सके।

एसपी ने आगे कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सीआरपीएफ के सहयोग से संयुक्त रूप से अभियान चलाकर अवैध अफीम की खेती को जड़ से समाप्त किया जाएगा। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कफ सिरप, डेंड्रफ, नशीले केमिकल सहित अन्य नशे से संबंधित उत्पादों की बिक्री पर निगरानी रखने का भी निर्देश दिया। इसके लिए विशेष जांच अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने एनकोर्ड के तहत नशा मुक्ति और नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए चल रहे विभिन्न अभियानों की जानकारी साझा की और बेहतर समन्वय से अभियान को और प्रभावी बनाने पर सहमति जताई।