उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत समर्थन मूल्य तथा मॉडल प्राईस की भावांतर की राशि का भुगतान भारत सरकार / राज्य सरकार द्वारा किया जायेगा। मंडी समिति में किसानों द्वारा अपनी सोयाबीन उपज नीलामी किये जाने के उपरांत व्यापारी द्वारा राशि का भुगतान उसी दिन किसान को किया जायेगा। किसानों को शासन द्वारा देय भावांतर राशि का भुगतान समय-सीमा में करने के लिए मंडी बोर्ड द्वारा अस्थाई रूप से ऋण की व्यवस्था की जायेगी, जिसकी प्रतिपूर्ति भारत सरकार / राज्य सरकार द्वारा निर्धारित समय अवधि में की जायेगी। इस योजना के तहत मंडी बोर्ड पर किसी तरह का अतिरिक्त व्यय-भार नहीं आयेगा। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री कंषाना ने कहा है कि भावांतर योजना के संबंध में शासन द्वारा लिए गए निर्णय सर्वमान्य और किसान हित में है।
भावांतर योजना में समर्थन मूल्य के अंतर की राशि का भुगतान राज्य सरकार करेगी : कृषि मंत्री कंषाना
