फिल्म के बाद विद्यालय के प्रधानाचार्य मामचन्द ने कहा कि जीवन का असली उद्देश्य केवल अपने लिए जीना नहीं, बल्कि दूसरों की सेवा करना और समाज के लिए समर्पित रहना है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म हमें सिखाती है कि यदि हम समाज के प्रति संवेदनशील हों, तो छोटी उम्र में भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
स्क्रीनिंग के बाद छात्राओं ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं। छात्रा अनुवेशा तोपाल ने कहा कि व्यक्ति छोटा-बड़ा नहीं होता, उसके विचार बड़े होते हैं और यह फिल्म अत्यंत प्रेरणादायक है। छात्रा कृष्ण कौर तलवार ने कहा कि फिल्म ने सिखाया कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना ही सच्ची सफलता है।
छात्रा सौम्या ने कहा कि यह डॉक्यूमेंट्री हमें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। वहीं, छात्रा गौतम्या ने कहा कि छोटी उम्र में भी बड़े सपने और बड़े विचार हमें समाज के लिए कुछ करने की राह दिखा सकते हैं।
विद्यालय परिसर में आयोजित इस विशेष स्क्रीनिंग ने विद्यार्थियों के बीच प्रेरणा, जिम्मेदारी और सेवा भावना का नया संदेश प्रसारित किया। इसके अलावा ये फिल्म देहरादून के आईनोक्स माल ऑफ देहरादून, पीवीआर सेंट्रियो माल और पीवीआर पैसिफ़िक माल में 24 सितम्बर तक प्रदर्शित की जा रही है।
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