रोहतक पीजीआई में एक ब्रेन डेड मरीज के परिजनों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए शरीर के अंगों का दान किया। इस नेक कार्य के लिए अलग-अलग अस्पतालों से आए डॉक्टरों की टीम ने सुबह दस बजे से लेकर शाम चार बजे तक अंगों को निकालने का काम किया। दान किए गए अंगों में हार्ट को दिल्ली स्थित अस्पताल, दोनों फेफड़ों को गुरुग्राम के अस्पताल और दो किडनी पीजीआई रोहतक को दान में मिलीं। हार्ट और फेफड़ों को तेजी से पहुंचाने के लिए रोहतक से दिल्ली तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। पीजीआई प्रशासन ने भिवानी निवासी मरीज बिजेंद्र के इस पुनीत कार्य के लिए उन्हें फूलों के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉक्टरों ने डोनर को किया था ब्रेन डेड घोषित ऑर्गन डोनेट करने वाला व्यक्ति 26 मार्च को घायल अवस्था में भर्ती हुआ था। ठीक नहीं होने पर रोहतक पीजीआई की टीम ने उसे जांच के बाद ब्रेन डेड घोषित कर दिया। परिवार वालों को जागरूक करने के बाद वे ऑर्गन ट्रांसप्लांट करने के लिए राजी हो गए। इस दौरान दिल्ली अस्पताल से आई टीम ने लीवर, आंख, कीडनी आदि डोनेट की गई है। वीसी ने बनाई थी कमेटी रोहतक पीजीआईएमएस के वीसी डॉ. एचके अग्रवाल ने बताया कि भिवानी के जुई कलां निवासी करीब 36 वर्षीय विजेंद्र 26 मार्च को भर्ती हुए थे। उनके सिर में चोट लगी थी। काफी उपचार किया गया, 6-7 अप्रैल को लगा कि ब्रेन डेड हैं। इसके बाद कमेटी बनी। दो बार ब्रेन डेड के लिए इसकी टेस्टिंग हुई और रिपोर्ट आई कि ये ब्रेन डेड हैं। उसके बाद स्टेट ऑर्गन ट्रांसप्लांट की टीम ने मरीज के परिवार वालों से संपर्क किया और उनको मोटिवेट किया। मोटिवेशन के बाद परिवार वाले ऑर्गन देने को तैयार हो गए।
रोहतक पीजीआई में ऑर्गन ट्रांसप्लांट:हर्ट दिल्ली पहुंचने के लिए बनाया स्पेशल ग्रीन कॉरिडोर; भिवानी के व्यक्ति का हुआ था ब्रेन डेड
