बिना परमिशन स्पीकर की फोटो को यूज किया:करनाल डीसी को जांच के आदेश; प्रॉपर्टी डीलर ने न्यू ईयर पर छपवाए थे विज्ञापन

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हरियाणा विधानसभा सचिवालय ने स्पीकर हरविंद्र कल्याण की फोटो का व्यवसायिक विज्ञापनों में प्रयोग करने पर कड़ा संज्ञान लिया गया है। यह विज्ञापन उनकी सहमति के बिना प्रकाशित किया गया था। विधानसभा सचिवालय ने करनाल उपायुक्त को लेटर लिख कर इस संबंध में जांच और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। करनाल के घरौंडा की एक प्रॉपर्टी डीलिंग फर्म ने नए साल के मौके पर एक व्यवसायिक विज्ञापन प्रकाशित किया, जो व्यवसायिक उपयोग के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया था। इस विज्ञापन में विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण की फोटो को उनकी अनुमति के बिना इस्तेमाल किया गया है। लेटर में लिखा- ये संवैधानिक पद सचिवालय की ओर से करनाल जिला उपायुक्त को लिखे पत्र में कहा गया है कि विधानसभा अध्यक्ष संवैधानिक पद पर आसीन हैं। उनकी फोटो का इस तरह से इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इस तरह के प्रकाशन आम जनता के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों को भी गुमराह और प्रभावित कर सकते हैं। पत्र में जिला उपायुक्त को कहा गया है कि इस अनुचित और अवांछित मामले की जांच करें और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करें। जिला प्रशासन से इस संबंध में कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई है। प्रशासन ने शुरू की जांच वहीं विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी लेटर के बाद करनाल जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि जिस व्यक्ति ने विज्ञापन प्रकाशित करवाए हैं, वह पेशे से प्रॉपर्टी डीलर है। जल्द ही प्रशासन प्रॉपर्टी डीलर को बुलाकर मामले में पूछताछ करेगी, और बिना परमिशन स्पीकर के फोटो के यूज का स्पष्टीकरण मांगेगा। निजता के अधिकार का उल्लंघन पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के वकील हेमंत कुमार ने बताया कि किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की फोटो बिना अनुमति के इस्तेमाल करना आम तौर पर गलत है। इससे निजता के अधिकार और कॉपीराइट कानूनों का उल्लंघन हो सकता है, भले ही वह व्यक्ति सार्वजनिक पद पर ही क्यों न हो। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पद पर होने के कारण उनकी सार्वजनिक तस्वीरों का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन निजी तस्वीरों या आपत्तिजनक संदर्भ में फोटो का इस्तेमाल करने के लिए उनकी सहमति जरूरी होती है। यदि ऐसा नहीं किया जाता तो कानूनी कार्रवाई हो सकती है। ऐसे मामलों में IPC की धारा 354C और आईटी अधिनियम के तहत भी कार्रवाई का प्रावधान है।