हाईकोर्ट के आदेश के बाद लखनऊ नगर निगम और भाजपा मेयर बैकफुट पर आ गईं। नगर निगम सपा के ललित किशोर तिवारी को रविवार को पार्षद पद की शपथ दिलाएगा। लालबाग स्थित निगम मुख्यालय में सुबह 9 बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा। इसके लिए नगर निगम ने ललित तिवारी को पत्र भेजकर सूचना दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के ऑर्डर के बाद नगर निगम ने लीगल एडवाइजर से सलाह मांगी थी। इसमें जल्द से जल्द शपथ दिलाने की बात कही गई थी। वहीं, मेयर सुषमा खर्कवाल शनिवार को कमांड अस्पताल से डिस्चार्ज हो गईं। इसके बाद नगर आयुक्त से चर्चा कर हर हाल में शपथ दिलाने के आदेश दिए। लीगल एडवाइजर बोले- जल्दी दिलाएं शपथ लखनऊ नगर निगम के लीगल एडवाइजर प्रशांत सिंह अटल ने शनिवार को नगर आयुक्त गौरव कुमार को कानूनी राय सौंपी। उन्होंने कहा- कानून के मुताबिक याचिकाकर्ता ललित तिवारी को जल्द से जल्द शपथ दिलाई जाए। इसके बाद हाईकोर्ट में एक हलफनामा दायर कर इसकी जानकारी दी जाए। जैसे ही कोर्ट के आदेश का पालन होगा, मेयर सुषमा खर्कवाल के सभी फ्रीज अधिकार बहाल हो जाएंगे। गुरुवार को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने लखनऊ की भाजपा मेयर सुषमा खर्कवाल के सभी वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार फ्रीज कर दिए थे। इसके बाद मेयर न तो अपने फंड से कोई खर्च कर सकती हैं और न ही किसी कर्मचारी पर कोई कार्रवाई कर सकती हैं। हाईकोर्ट ने ऐसा सपा प्रत्याशी को पार्षद पद की शपथ नहीं दिलाने पर किया था। जस्टिस आलोक माथुर और जस्टिस कमर हसन रिजवी की पीठ ने साफ कहा था- जब तक सपा पार्षद को शपथ नहीं दिलाई जाती, तब तक मेयर के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार फ्रीज रहेंगे। उनका सारा काम डीएम और नगर आयुक्त देखेंगे। अब पूरा मामला विस्तार से… लखनऊ नगरीय निकाय चुनाव-2023 के दौरान भाजपा प्रत्याशी प्रदीप कुमार शुक्ला उर्फ टिंकू शुक्ला और सपा प्रत्याशी ललित तिवारी के बीच सीधा मुकाबला हुआ था। मतगणना में प्रदीप कुमार शुक्ला को 4,972 और ललित तिवारी को 3,298 वोट मिले थे। इस आधार पर प्रदीप कुमार शुक्ला को निर्वाचित घोषित कर दिया गया था। इसके बाद सपा प्रत्याशी ललित तिवारी ने 13 मई, 2023 को अपर जिला जज कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी थी। इसमें आरोप लगाया था कि भाजपा प्रत्याशी प्रदीप कुमार शुक्ला ने नामांकन पत्र दाखिल करते समय निर्वाचन प्रपत्रों में कुछ जरूरी जानकारियां नहीं दी थीं। ये जानकारियां देना कानूनन जरूरी था। याचिका में यह भी कहा गया था कि नामांकन प्रक्रिया में की गई चूक चुनावी नियमों का उल्लंघन है। इसे कदाचार की श्रेणी में माना जाना चाहिए। इसी आधार पर प्रदीप कुमार शुक्ला के निर्वाचन को चुनौती दी गई थी। साथ ही चुनाव परिणाम निरस्त करने की मांग की गई थी। 5 महीने पहले रद्द हुआ था निर्वाचन इस मामले में करीब ढाई साल तक सुनवाई चली। इस दौरान कोर्ट ने निर्वाचन के समय दाखिल एफिडेविट, शपथ पत्र और निर्वाचन फार्म की समीक्षा रिपोर्ट देखी। इसमें कोर्ट ने पाया था कि नामांकन के दौरान जरूरी जानकारी न देना गंभीर अनियमितता है। इससे चुनाव की वैधता प्रभावित होती है। इसी आधार पर कोर्ट ने 19 दिसंबर, 2025 को प्रदीप कुमार शुक्ला का निर्वाचन रद्द कर दिया था। साथ ही ललित तिवारी को वार्ड-73 से निर्वाचित घोषित कर दिया था। सपा पार्षद बोले- शपथ दिलाने में करते रहे टालमटोल पार्षद ललित किशोर ने बताया कि निर्वाचित होने के बावजूद उनको शपथ नहीं दिलाई गई। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। वहां उन्होंने बताया कि 19 दिसंबर, 2025 को उनको निर्वाचित घोषित किया था, लेकिन अब तक शपथ नहीं दिलाई गई है। जबकि, भाजपा पार्षद प्रदीप कुमार शुक्ला अभी भी पार्षद के रूप में काम कर रहे हैं। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि जिला मजिस्ट्रेट ने 23 जनवरी और 10 फरवरी, 2026 को लखनऊ के नगर आयुक्त को निर्वाचन न्यायाधिकरण के फैसले की जानकारी दी थी। उन्होंने धारा- 85 के तहत शपथ दिलाने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश भी दिए थे। इसके अलावा राज्य सरकार ने भी 4 फरवरी, 2026 को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए थे। 12 मई को एक बार फिर हाईकोर्ट ने ललित तिवारी को एक सप्ताह में शपथ दिलाने का आदेश दिया था। इस पर भाजपा के प्रदीप कुमार शुक्ला ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसे कोर्ट ने रद्द किया था। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट ने लखनऊ मेयर, जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होकर जवाब देने के आदेश दिए थे। —————————– यह खबर भी पढ़िए… लखनऊ कोर्ट से भाजपा को झटका, सपा की जीत, झूठा हलफनामा देने पर प्रदीप शुक्ला की पार्षदी गई; सपा के ललित नए पार्षद बने लखनऊ कोर्ट ने भाजपा पार्षद को तगड़ा झटका दिया। हलफनामे में गलत जानकारी देने पर उनकी पार्षदी चली गई। कोर्ट ने कहा- शपथ पत्र में जरूरी कागजात नहीं देना, तथ्य छिपाना धांधली करना है। यहां पढ़ें पूरी खबर
भाजपा मेयर बैकफुट पर, सपा पार्षद आज शपथ लेंगे:सुषमा खर्कवाल ने लखनऊ हाईकोर्ट का आदेश नहीं माना, इसके बाद अधिकार छिने थे
