फतेहाबाद में मुर्दाबाद के लगे नारे, SDM ने झाड़ा रौब:बोले-सारे पटवारी ना बनो, एक आदमी बताओ; गोशाला विवाद निपटाने पहुंचे थे

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फतेहाबाद जिले के रतिया शहर में पुरानी गोशाला और श्रीकृष्ण गोशाला में चल रहे जमीन संबंधी विवाद को निपटाने के लिए गए एसडीएम के व्यवहार से नाराज लोगों ने नारेबाजी कर दी। लोगों ने एसडीएम मुर्दाबाद और हरियाणा सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाकर रोष जताना शुरू कर दिया। बड़ी मुश्किल से पुलिस अधिकारियों ने लोगों को शांत किया। एसडीएम ने लोगों से कह डाला कि सारे पटवारी ना बनो, एक आदमी मामला बताओ। लोग नाराज होकर कहने लगे कि हमारी तो सुनवाई ही नहीं कर रहे। जब अशोक प्रधान वहां से जाने लगे, तो एसडीएम ने कह दिया जाने दो, कोई बात नहीं। इस पर सारे ही लोग जाने लग गए। गोशाला की जगह को बेचना चाह रहे लोग दरअसल, रतिया शहर में दो गोशालाएं हैं, जिनमें एक प्राचीन गोशाला और दूसरी श्रीकृष्ण गोशाला है। प्राचीन गोशाला से जुड़े लोगों का आरोप है कि श्रीकृष्ण गोशाला की कमेटी के लोग प्राचीन गोशाला की जगह को बेचना चाह रहे हैं। इस विवाद में कुछ दिन पहले रतिया थाने में भी पंचायत हुई थी, वहां भी हंगामा हो गया था। मामले को लेकर एसडीएम सुरेंद्र सिंह, एएसपी दिव्यांशी सिंगला, सिटी एसएचओ पुष्पा सिहाग पटवारी को साथ लेकर मौके का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने प्राचीन गोशाला से जुड़े लोगों से पूरा मामला बताने के लिए कहा। इस पर प्राचीन गोशाला के प्रधान बंटी कंबोज ने कहा कि यहां तीन एकड़ जमीन है, जो दान दी हुई है। एसडीएम ने पूछा- जमीन बेचने का क्या प्रूफ है दान की हुई जमीन को बेच नहीं सकते। इस पर एसडीएम ने कह दिया कि अरे बेच कौन रहा है, पहले यह बताओ मेरे को। आपके पास बेचने का क्या प्रूफ है। मेरे को ये बता कि इस आदमी ने बेच दी। लोगों ने कहा कि हमारी तो सुन ही नहीं रहे। यह गलत बात हो रही है, हमारी सुनवाई नहीं हो रही है, धक्का हो रहा है। एसडीएम ने कहा कि सारे पटवारी मत बनो, एक आदमी बताओ। यह सुनकर वरिष्ठ सदस्य अशोक कुमार जाने लग गए, तो एसडीएम ने कह दिया जाने दो, कोई बात नहीं। इस पर अशोक ने कहा कि मैं चला जाऊंगा, तो यहां कोई खड़ा नहीं रहेगा। इसके बाद सभी लोग जाने लगे। लोग एसडीएम मुर्दाबाद और हरियाणा सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाकर रोष जताने लग गए। एएसपी और एसएचओ के समझाने पर रुके लोग इसके बाद एएसपी दिव्यांशी सिंगला और सिटी एसएचओ पुष्पा सिहाग ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। कमेटी सदस्य बोले कि हमें 25 साल हो गए गोशाला चलाते हुए। एसडीएम बेइज्जती कर रहे हैं, इसे सहन नहीं करेंगे। इसके बाद फिर से एसडीएम सुरेंद्र सिंह को कमेटी सदस्यों ने पूरी बात समझाई। प्रधान बोले- 1962 से चल रही गोशाला प्राचीन गोशाला के प्रधान बंटी सिंगला ने बताया कि साल 1962 से प्राचीन गोशाला चल रही है। यहां जगह टाइट हो गई, तो गोशाला दूसरी जगह चली गई। यहां 200 साल पुराना मंदिर भी बना हुआ है। हमने 70-80 लाख रुपए यहां लगाए हैं। श्रीकृष्ण गोशाला के नाम से कमेटी 1993-94 में बनी है, 15 सदस्य कमेटी बनाकर बैठे हैं। उन्होंने जगह बेचनी निकाली हुई है। पहले जमीन बेच दी गई थी। उस पर 25-30 लोगों के मकान बने हुए हैं। हमने जमीन बेचने नहीं देंगे। शहर की पब्लिक भी हमारे साथ है। हमारी कमेटी व समाज के लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाई कि हमारे साथ धक्का न किया जाए। कुछ लोग सरकार व प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं। इससे सरकार की छवि खराब होती है। एसडीएम हमारे ऊपर दबाव बना रहे-कमेटी सदस्य कमेटी के वरिष्ठ सदस्य अशोक कुमार ने बताया कि प्राचीन गोशाला को श्रीकृष्ण गोशाला कमेटी बंद करवाना चाहती है। प्राचीन गोशाला की जगह दान दी हुई जगह है। श्रीकृष्ण गोशाला कमेटी वाले सरकार से फोन करवा देते हैं, इसलिए एसडीएम हमारे ऊपर दबाव बना रहे हैं। गौ सेवा होने नहीं दे रहे हैं। एसडीएम के दफ्तर गए थे, तब भी हमें धमकाने का प्रयास किया गया। अभी तक एसडीएम की कार्रवाई से हम संतुष्ट नहीं है। हमारे साथ ज्यादती हुई, तो हम धरना प्रदर्शन करेंगे। एसडीएम कार्यालय के बाहर मरण व्रत भी रखेंगे।