Bageshwar News: बागेश्वर के दूरस्थ गांवों में डिजिटल इंडिया की हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है. कमजोर मोबाइल नेटवर्क ने राशन कार्ड की बायोमेट्रिक ई-केवाईसी को ग्रामीणों के लिए संघर्ष बना दिया है. लोगों को 1.5 किलोमीटर पैदल चढ़ाई कर 300 मीटर ऊंची पहाड़ी पर सिग्नल तलाशना पड़ता है. ठंडी हवाओं में घंटों इंतजार करना उनके रोजमर्रा का हिस्सा बन गया है, जबकि महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है.
ठंड में घंटों पहाड़ी पर बैठकर सिग्नल का इंतजार! बागेश्वर में ई-केवाईसी बनी आफत
