उन्होंने कहा कि 19 जुलाई 2022 की क्लोजर रिपोर्ट में खामियां रह गई थीं और हाईकोर्ट ने भी आगामी जांच के लिए कहा है। इसलिए क्लोजर रिपोर्ट वापस लेने की मंजूरी दी जाए। इसके साथ ही मामले में इनटर्वीनर अशोक पाठक ने कोर्ट से प्रोटेस्ट पिटिशन पेश करने के लिए समय मांगा। जिस पर एसीबी कोर्ट ने मामले की सुनवाई 4 दिसंबर को तय की है।
गौरतलब है कि तत्कालीन डीआईजी सवाई सिंह गोदारा ने तीसरी क्लोजर रिपोर्ट पेश कर कहा था कि कोई मामला नहीं बनना पाया गया। वहीं परिवादी रामशरण सिंह के अधिवक्ता रहे संदेश खंडेलवाल ने बताया कि इस क्लाेजर रिपोर्ट को परिवादी ने प्रोटेस्ट पिटिशन के जरिए चुनौती देते हुए मामले में आरोपितों के खिलाफ प्रसंज्ञान लेने का आग्रह किया था। इस प्रोटेस्ट पिटिशन पर भी सुनवाई होनी है। दरअसल हाईकोर्ट ने पूर्व यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल की याचिका पर एक नवंबर को सुनवाई करते हुए एसीबी की क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती देने वाली प्रोटेस्ट पिटिशन पर सुनवाई का रास्ता साफ कर एसीबी को आगामी कार्रवाई की छूट दी थी।
