मंत्री के पहुंचते ही पूरा अस्पताल अलर्ट मोड में आ गया और चिकित्सा व्यवस्था और तेज़ी से जुट गई।
मौके पर डॉ अंसारी ने कहा उपचार के बाद सभी बच्चियों की हालत पूरी तरह से स्थिर है। जरूरत पड़ी तो उन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल भेजा जाएगा। उन्होंजने कहा कि मैं वे सभी छात्राओं के माता-पिता से मिले हैं और हर संभव मदद किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि यह घटना प्राकृतिक आपदा जैसी थी, भारी बारिश और ठनका गिरने की वजह से छात्राएं बेहोश हुईं। लेकिन नारायणपुर की जनता, स्वास्थ्यकर्मियों और समाजसेवियों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। मंत्री ने मीडिया का भी आभार जताया जिसने तुरंत सूचना साझा की। मौके पर डॉ अंसारी ने अस्पताल का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की कमियों का जायजा लिया और कहा कि विभाग के पास पर्याप्त फंड है। अस्पताल की हर जरूरत पूरी की जाएगी। लेकिन इलाज और स्वास्थ्य व्यवस्था में जरा सी भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रभारी को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
