बागपत के जौहड़ी गांव की मशहूर निशानेबाज शूटर दादी प्रकाशी तोमर की नाक की नस फट गई। घर का काम करते समय वह अचान बेहोश होकर गिर पड़ीं। घर वाले तुरंत बड़ौत के हॉस्पिटल में ले गए, लेकिन वहां से नोएडा के कैलाश हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। इस समय प्रकाशी तोमर के बेटे रामबीर और बेटी सीमा उनके साथ है। अंतर्राष्ट्रीय ट्रैप शूटर बेटी सीमा तोमर ने फोन पर बताया कि नाक की नस फटने के कारण मां को भर्ती कराया गया है। बता दें कि प्रकाशी तोमर के जीवन संघर्षों और उपलब्धियों पर बॉलीवुड फिल्म ‘सांड की आंख’ बनी है। खून बंद नहीं हुआ, बेहोश होकर गिरीं शूटर दादी के बेटे रामबीर सिंह ने बताया कि शनिवार रात करीब दो बजे अचानक मां की नाक से खून बहने लगा। काफी देर तक खून रुका नहीं और वे बोहोश होकर जमीन पर गिर गईं। रात में ही उन्हें बड़ौत के निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां पर डॉक्टरों ने उनका इलाज किया। आराम मिलने पर वे उन्हें घर लेकर आ गए। रविवार सुबह फिर से मां की नाक से खून बहना शुरू हो गया, तो परिवार के लोग फिर उन्हें बड़ौत के अस्पताल में लेकर पहुचे, लेकिन इस बार खून रुक नहीं रहा था। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें दिल्ली ले जाने की सलाह दी। अभी नोएडा के हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। मुजफ्फरनगर की रहने वाली, बागपत में ससुराल प्रकाशी तोमर का जन्म 1937 को मुजफ्फरनगर में हुआ था। प्रकाशी की शादी बागपत के जोहड़ी गांव के रहने वाले जय सिंह से हुई। प्रकाशी तोमर की दो बेटियां हैं। बेटी सीमा तोमर शूटिंग सीखना चाहती थीं। प्रकाशी उन्हें रोजरी रायफल क्लब में ले गईं और बेटी का मनोबल बढ़ाने के लिए पिस्टल हाथ मे थामकर फायरिंग कर दी। बेटी के लिए गईं, खुद लगा दिया निशाना किस्मत थी या लक्ष्य भेदने की चाह, निशाना सटीक लगा, जिसके बाद रोजरी क्लब के कोच ने प्रकाशी को ही क्लब जॉइन करने को कहा। उस समय प्रकाशी 65 साल की थीं। परिवार इसके पक्ष में नहीं था तो वह छिप-छिप के निशानेबाजी की ट्रेनिंग लेने जाती थीं। इस काम में उनका साथ दिया प्रकाशी की जेठानी चन्द्रो ने। राष्ट्रपति से भी मिल चुका सम्मान दोनों ने निशानेबाजी की ट्रेनिंग शुरू की तो लोग उनका तरह-तरह से मजाक बनाने लगे। लेकिन उन सबकी बोलती तब बन्द हो गयी जब दिल्ली में निशानेबाजी के मुकाबले में शूटर दादी ने दिल्ली के डीआईजी को ही शूटिंग में हराकर गोल्ड जीता। इसके बाद वह प्रतियोगिता में भाग लेने लगीं और प्रसिद्ध होने लगीं। वरिष्ठ नागरिक वर्ग में इस जोड़ी को कई अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। खुद राष्ट्रपति की ओर से इन्हें स्त्री शक्ति सम्मान से नवाजा है। दादी प्रकाशो और दादी चन्द्रो पर बनी फिल्म सांड की आंख
आपने साल 2019 में आई फिल्म सांड की आंख तो देखी ही होगी। इस फिल्म में तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर ने दो ऐसी बुजुर्ग महिलाओं का किरदार निभाया है जो देश के लिये निशानेबाजी करती हैं। ये फिल्म कोई काल्पनिक कहानी नहीं है, बल्कि देश की दो शूटर दादियों के संघर्ष पर आधारित सच्ची घटना है। फिल्म की शूटिंग जौहड़ी गांव में हुई थी। ‘आइकन लेडी’ और ‘100 वीमेन अचीवर्स’ में नाम शामिल शूटर दादी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 25 से अधिक पदक और ट्रॉफियां जीती हैं। उन्होंने 2006 में मेरठ में स्त्री शक्ति सम्मान और कई बार शूटिंग प्रतियोगिताओं में पुलिस और अन्य शूटर्स को हराकर गोल्ड मेडल जीते हैं। भारत सरकार द्वारा ‘आइकन लेडी का सम्मान दिया गया। 100 वीमेन अचीवर्स अवार्ड भी इन्हें मिल चुका है। पहले भी हुई थीं बीमार प्रकाशी तोमर की उम्र करीब 90 साल है। वह पहले भी बीमार हो चुकी हैं। 13 सितंबर 2023 को उन्हें सांस लेने में दिक्कत के बाद परिजनों ने तत्काल नोएडा के मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया था। इसके बाद वे ठीक हुईं। बाद में उन्हें तेज बुखार और बीपी डाउन होने जैसी दिक्कत का सामना करना पड़ा। इस बार भी उनका इलाज मेट्रो अस्पताल में ही चला था। ————————– यह खबर भी पढ़ें स्टंटबाजी में 12वीं के छात्र की मौत, VIDEO:लखनऊ में बुलेट-स्कूटी की भीषण टक्कर, छात्र उछलकर डिवाइडर पर गिरा लखनऊ में बाइक रेसिंग में 12वीं के छात्र की जान चली गई। जनेश्वर मिश्र पार्क के पास बुलेट और कावासाकी बाइक सवार रेस लगा रहे थे। तभी सामने स्कूटी आ गई। स्कूटी से टकराने के बाद बुलेट डिवाइडर से जा भिड़ी। बुलेट सवार 12वीं का छात्र उछलकर डिवाइडर से टकराकर। उसका सिर फट गया। कावासाकी सवार लड़के ने लोगों की मदद से बुलेट सवार दोस्त को अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पढ़ें पूरी खबर………
शूटर दादी प्रकाशी तोमर की नाक की नस फटी:खून ज्यादा बहने से बेहोश होकर गिरीं, नोएडा के हॉस्पिटल में चल रहा इलाज
