ग्रेटर नोएडा, 16 अगस्त । ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में शनिवार को बीटेक कर रहे एक 24 वर्षीय छात्र ने छत के पंखे से लटककर जान दे दी। छात्र ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा है जिसमें उसने शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की अपील की। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है, वहीं छात्र के परिजनों ने छात्र की मौत के लिए यूनिवर्सिटी के प्रबंध को जिम्मेदार ठहराया है।
मरने वाले छात्र का नाम शिवम डे नामक था। जो बिहार के मधुबनी रहने वाला था। उसके पिता का नाम कार्तिक डे है। वह ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी से बीटेक (कंप्यूटर साइंस) ने कर रहा था। छात्र का शव शुक्रवार को एचएमआर छात्रावास में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इसमें शिवम ने अपने फैसले के पीछे निजी कारण बताए हैं। उसने अपने अंगों के दान करने की बात भी कही है।
उसने सुसाइड नोट में लिखा है कि जब आप यह पढ़ रहे होंगे तो मैं मर चुका होऊंगा। मेरी मौत मेरा अपना फैसला है। इसमें किसी का कोई हाथ नहीं है। मैं एक साल से इसकी योजना बना रहा था। उसने बताया है कि वह दो साल से कक्षाओं में नहीं जा रहा था। उसने विश्वविद्यालय प्रशासन से उनके परिवार को बची हुई फीस वापस करने का आग्रह किया है। साथ ही छात्र शिवम ने अपने अंगदान की इच्छा भी जताई। देश की शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए लिखा- अगर इस देश को महान बनना है, तो सबसे पहले शिक्षा व्यवस्था को सुधारना होगा। उसने यह भी लिखा है कि यह दुनिया मेरे लिए नहीं है। मैं बस एक बेकार इंसान हूं।
नॉलेज पार्क थाना प्रभारी सर्वेश चन्द्र का कहना है कि मामले की गम्भीरता से की जा रही है। छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
