इसके बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज बिलासपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
हरीश शाह के कुंजकुटीर फार्महाउस (चिचिरदा, चकरभाटा) में शंकराचार्य जी के ठहरने की व्यवस्था की गई है। शाह परिवार शंकराचार्य जी का भव्य स्वागत और पादुकापूजन करेगा। धनतेरस के दिन यहीं विशेष पूजन आयोजित होगा, जो पूरे दिन श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुला रहेगा।
अगले दिन शंकराचार्य जी दोपहर में चिचिरदा से बेमेतरा के सलधा के लिए रवाना होंगे। मार्ग में सिमगा में भक्त उनका स्वागत करेंगे। सलधा पहुंचने पर नरक चतुर्दशी के अवसर पर विशेष पूजन संपन्न होगा। दीपावली के दिन शंकराचार्य कवर्धा पहुंचेंगे। ज्योतिर्मठ के सीईओ चंद्रप्रकाश उपाध्याय ने बताया कि, कवर्धा में प्रवेश के दौरान नीलकंठ चंद्रवंशी के नेतृत्व में सैकड़ों भक्तों की बाइक रैली उनके स्वागत में निकलेगी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का लोहारा रोड स्थित अशोक वाटिका में दर्शन एवं पादुकापूजन होगा। इसके बाद धर्मध्वज चौक पर विशाल धर्मध्वज पूजन संपन्न होगा।
धर्मध्वज पूजन के बाद शंकराचार्य महाराज की भव्य पालकी यात्रा निकलेगी, जो शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए शंकरा भवनम पहुंचेगा। इस दौरान रास्ते में श्रद्धालुओं और व्यापारी संघ स्वागत एवं पुष्पवर्षा करेंगे।दीपावली की संध्या शंकरा भवनम में महालक्ष्मी पूजन से प्रारंभ होगी। इसके बाद शंकराचार्य स्वयं पटाखा वितरण करेंगे।मध्यरात्रि में ठाकुरपारा स्थित मां काली मंदिर में विशेष पूजन करेंगे। रात्रि भर मां लक्ष्मी की आराधना शंकरा भवनम में संपन्न होगी, जहां भक्तों के लिए रात्रि भर दर्शन का अवसर रहेगा। इसके बाद शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी अशोक साहू के गृह ग्राम टाटीकसा पधारेंगे। वहां ओडिया से प्रारंभ होकर सैकड़ों भक्तों की बाइक रैली के साथ अगवानी की जाएगी। गौशाला में विशेष गौपूजन और पादुकापूजन के बाद आशीर्वचन और प्रसाद वितरण होगा। टाटीकसा कार्यक्रम के बाद शंकराचार्य रायपुर पहुंचेंगे। रायपुर में भूपेश शर्मा के निवास दुबे कॉलोनी में पादुकापूजन के बाद शंकराचार्य आश्रम बोरियाकला प्रस्थान करेंगे।
