विजेन्द्र गुप्ता की ओर से रविवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह विमोचन विट्ठलभाई झावेरभाई पटेल के दूरदर्शी संसदीय योगदान और राष्ट्र-निर्माण में उनकी ऐतिहासिक भूमिका के सम्मान में किया जा रहा है। स्वतंत्रता संग्राम के एक अग्रणी योद्धा और प्रखर संसदीय नेता के रूप में उन्होंने 24 अगस्त 1925 को इतिहास रचते हुए केंद्रीय विधानसभा के अध्यक्ष पद की शोभा बढ़ाई। उनके कार्यकाल की विशेषता रही—निष्पक्षता, संसदीय प्रक्रियाओं के प्रति अटूट आस्था, विधायिका की स्वतंत्रता की रक्षा, सशक्त बहस की संस्कृति को बढ़ावा और लोकतांत्रिक मूल्यों की सर्वोच्च प्रतिष्ठा। इससे पहले 27 सितंबर 1973 को भी उनकी जन्म शताब्दी के अवसर पर एक डाक टिकट जारी किया गया था, जो राष्ट्र द्वारा उनकी अतुलनीय सेवाओं के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
गुप्ता ने बताया कि विट्ठलभाई पटेल की शताब्दी पर आयोजित यह विमोचन, आगामी ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ़्रेंस 2025 का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। इस सम्मेलन में देशभर की विधानसभाओं व विधान परिषदों के सभापति, उपसभापति, अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष भाग लेंगे। सम्मेलन में संविधान की नींव, लोकतांत्रिक संस्थाओं के विकास तथा संसदीय कार्यप्रणाली में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।
